नेपाल में बस्तियां खाली कराए जाने का विरोध, देश भर में भूमिहीनों का विरोध प्रदर्शन

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काठमांडू, 08 मई । नेपाल में बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के बस्तियां खाली कराए जाने के बाद देशभर के भूमिहीन लोग सड़क पर उतर आए हैं। काठमांडू की 16 बस्तियों से नौ दिनों में 15 हजार से अधिक लोग विस्थापित किये जा चुके हैं। सरकारी और सार्वजनिक जमीन पर बने अनधिकृत ढांचों को हटाने के लिए जारी 35 दिन की नोटिस के विरोध में लोग आंदोलन कर रहे हैं।

काठमांडू से नौ दिन पहले शुरू हुआ बस्ती खाली कराने का अभियान अब पूरे देश में चलाने की तैयारी है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बस्तियां खाली कराए जाने के विरोध में भूमिहीन तथा अव्यवस्थित लोगों ने शुक्रवार को बुटवल में सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकार पहले वास्तविक भूमिहीन और अव्यवस्थित बसोबासियों की पहचान करे और पिछली सरकारों के दौरान भूमि आयोग की तय व्यवस्था के अनुसार उन्हें व्यवस्थित कर लालपुर्जा (मालिकाना प्रमाणपत्र) उपलब्ध कराए।

भूमिहीन संघर्ष समिति के संयोजक खगेन्द्र पौडेल ने कहा कि सरकार ने बिना किसी तैयारी और विकल्प के डोजर चलाकर लोगों में आतंक फैलाया है। आज ही मकवानपुर जिले के हेटौंडा में भी संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर सुकुमबासियों ने सड़क पर प्रदर्शन किया। थाना भर्याङ से शुरू हुई रैली के प्रतिभागियों ने प्रमुख जिला अधिकारी और हेटौंडा के मेयर को ज्ञापन पत्र सौंपा।

इसी तरह बर्दिया जिला मुख्यालय गुलरिया में भूमिहीन, मुक्त कमैया और अव्यवस्थित बसोबासियों ने प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि प्रदेश के वन मंत्रालय ने 15 दिन की नोटिस जारी कर लोगों को उजाड़ने की कोशिश की है। बर्दिया की आठों स्थानीय पालिकाओं के प्रमुखों ने बस्तियां खाली कराने संबंधी नोटिस का विरोध किया।

इधर काठमांडू के माइतीघर मण्डला में भी भूमिहीन, अधिकारकर्मी और अन्य संगठनों ने अलग-अलग प्रदर्शन किए हैं। भूमिहीनों को को जबरन विस्थापित किए जाने के विरोध में काठमांडू में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार भूमिहीनों पर अमानवीय दमन कर “श्वेत आतंक” फैला रही है।

आज ही रुपन्देही जिले के मोतिपुर क्षेत्र के निवासी भी सरकार द्वारा डोजर चलाकर आतंकित किए जाने के विरोध में सड़क पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि भूमिहीनों के पुनर्वास और कानूनी अधिकार सुनिश्चित किए बिना यदि बस्तियां खाली कराई गईं, तो वे प्रतिरोध करेंगे।

सरकार पर बिना तैयारी लोगों को उजाड़ने का आरोप लगाते हुए सुनसरी जिले के धरान में आज सुबह से ही प्रदर्शन जारी है। नेपाल बसोवास बस्ती संरक्षण समाज द्वारा आयोजित जुलूस में शामिल लोगों ने कहा कि यदि धरान की बस्तियाँ हटाने की कोशिश की गई तो उसका विरोध किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने पर चुनाव के दौरान किए गए वादे पूरे न करने का आरोप भी लगाया।

इसी तरह धनुषा में भी भूमिहीनों और अव्यवस्थित बसोबासी लोगों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय गाउँपालिका महासंघ, नगरपालिका संघ, विभिन्न स्थानीय निकायों और अधिकारकर्मियों ने भी अतिक्रमित संरचनाएँ तोड़ने की सरकारी कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए उसका विरोध किया है।