कृषि विश्वविद्यालय किसानों को बताए पशुपालन के वैज्ञानिक तरीके

Share

जोधपुर, 08 मई । कृषि विश्वविद्यालय के किसान कौशल विकास केंद्र की ओर आयोजित सात दिवसीय वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो (डॉ) विरेन्द्र सिंह जैतावत ने प्रशिक्षणार्थियों को कहा कि आप विश्वविद्यालय के ब्रांड एंबेसडर है, यहां से सीखे हुए ज्ञान को व्यावहारिक रूप से अपनाए। साथ ही अन्य पशुपालकों को भी वैज्ञानिक तौर तरीकों से अवगत करवाए। उन्होंने बकरी पालकों को समय पर टीकाकरण, उत्तम नस्ल चयन व नैपियर घास को चारे के रुप में अपनाने के सुझाव भी दिए। केन्द्र के प्रभारी डॉ. प्रदीप पगारिया ने स्वागत उद्बोधन देते हुए सात दिवसीय प्रशिक्षण की रूपरेखा व केंद्र के कार्यों से अवगत करवाया। डॉ. पगारिया ने किसानों को ग्रुप बनाकर आपस में जानकारी साझा करने व फीडबैक की माध्यम से अन्य किसानों को भी लाभान्वित करने की बात कही।

युवाओं व किसानों ने दिए फीडबैक

मौके पर मौजूद प्रशिक्षणार्थियों ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि इससे पूर्व बकरी पालन पारंपरिक रूप से कर रहे थे, लेकिन इस केंद्र के माध्यम से जानकारी मिली कि अगर बकरी का वैज्ञानिक तरीके से आहार व आवास प्रबंधन सहित टीकाकरण करवायें साथ ही उन्नत नस्ल की बकरियों को पालें तो आय दुगनी प्राप्त होगी। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों को सर्टिफिकेट व प्रशिक्षण पुस्तिका प्रदान की गई। अंत में डॉ. प्रियंका स्वामी ने आभार जताया। डॉ. नीलिमा मकवाना ने मंच संचालन किया।