जयपुर उत्तर पुलिस ने लौटाई लोगों की उम्मीद, एक करोड़ से अधिक कीमत के 590 मोबाइल बरामद

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जयपुर, 08 मई । खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन वापस मिलने की उम्मीद छोड़ चुके सैकड़ों लोगों के चेहरे उस समय खिल उठे, जब जयपुर उत्तर जिला पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 590 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द कर दिए। बरामद किए गए एंड्रॉइड और आईफोन मोबाइल की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 6 लाख रुपए आंकी गई है।

पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत जयपुर उत्तर पुलिस की साइबर यूनिट और विभिन्न थाना पुलिस टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मोबाइल रिकवरी का यह बड़ा अभियान सफल बनाया। शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सौंपे गए, जिसके बाद कई लोगों ने पुलिस का आभार जताया।

पुलिस उपायुक्त (जयपुर उत्तर) करण शर्मा ने बताया कि विशेष साइबर अपराध अनुसंधान इकाई लगातार साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन अपराधों के मामलों में प्रभावी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वर्ष 2025 और 2026 में अब तक करीब 4.88 करोड़ रुपए की ठगी गई राशि को विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराया गया है। उन्होंने बताया कि इनमें से लगभग 1.70 करोड़ रुपए की राशि पीड़ितों के बैंक खातों में सुरक्षित रूप से वापस भी करवाई जा चुकी है, जबकि शेष राशि की रिकवरी की प्रक्रिया जारी है।

डीसीपी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा फर्जी बैंक खातों और फर्जी सिम कार्डों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “म्यूल हंटर” के तहत भी जयपुर उत्तर पुलिस ने उल्लेखनीय कार्रवाई की है। अभियान के दौरान पुलिस थाना विद्याधर नगर, जालूपुरा और माणक चौक में अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर चार शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 22 मोबाइल फोन, पांच लैपटॉप, लैपटॉप चार्जर सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए छह व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।

पुलिस के अनुसार साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता अभियान भी लगातार चलाए जा रहे हैं। साइबर यूनिट जयपुर उत्तर और थाना पुलिस की ओर से स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर विद्यार्थियों और आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में राजकोप सिटीजन ऐप, सीईआईआर पोर्टल, चक्षु पोर्टल तथा 1930 नेशनल साइबर हेल्पलाइन के उपयोग की जानकारी दी जा रही है, ताकि लोग साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज करवा सकें और नुकसान को कम किया जा सके।