जयपुर, 08 मई । नाहरगढ़ जैविक उद्यान की टाइगर सफारी में बाघिन ‘भक्ति’ से जन्मे दोनों बाघ शावक स्वस्थ हैं। वन विभाग और वन्यजीव चिकित्सकों की टीम द्वारा उनकी विशेष निगरानी की जा रही है। शावकों का जन्म 18 अप्रैल को हुआ था।
वन विभाग के अनुसार बाघिन भक्ति को वर्ष 2024 में वन्यजीव एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत पुणे जू से नाहरगढ़ जैविक उद्यान लाया गया था। वहीं नर बाघ को वर्ष 2024 में नागपुर चिड़ियाघर से लाकर दोनों की जोड़ी बनाई गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि जन्म के बाद बाघिन भक्ति का व्यवहार असामान्य पाया गया। वह शावकों को दूध नहीं पिला रही थी और उनकी स्थिति भी नाजुक बनी हुई थी। इसे देखते हुए पांच बत्ती स्थित पशु चिकित्सा पॉलीक्लिनिक द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा पर दोनों शावकों को वन्यजीव चिकित्सालय की नियोनेटल केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया, जहां उन्हें गहन चिकित्सा निगरानी और हैंड रियरिंग के तहत रखा गया है।
वन्यजीव चिकित्सकों के अनुसार दोनों शावकों ने अब आंखें खोल ली हैं तथा उनकी गतिविधियां सामान्य पाई गई हैं। शावकों के विभिन्न चिकित्सा परीक्षण भी कराए गए, जिनकी रिपोर्ट सामान्य आई है।
नियोनेटल केयर यूनिट में शिफ्ट किए जाने के बाद दोनों शावकों के वजन में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। उनकी डाइट भी धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है तथा प्रतिदिन स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
चिकित्सकों द्वारा शावकों को आवश्यक विटामिन, मिनरल्स और अन्य दवाइयां दी जा रही हैं। साथ ही उनकी दैनिक गतिविधियों की सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है।