उदयपुर, 08 मई । उदयपुर नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन देने के दौरान हुए विवाद के बाद कांग्रेस नेताओं के खिलाफ राजकार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। सूरजपोल थाने में एएसआई चन्द्रभान सिंह भाटी की रिपोर्ट पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़, पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया सहित पंकज शर्मा, नजमा मेवाफरोश, अरुण टांक समेत अन्य पदाधिकारियों को नामजद किया गया है।
जानकारी के अनुसार शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं को लेकर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक धरना दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना लंबे समय तक कार्यालय नहीं पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता आयुक्त कक्ष के बाहर नारेबाजी करते रहे।
करीब शाम 4 बजे आयुक्त खन्ना कार्यालय पहुंचे तो एक दर्जन से अधिक कांग्रेस पदाधिकारी ज्ञापन देने उनके कक्ष में पहुंच गए। इसी दौरान एक कार्यकर्ता के कुर्सी पर चढ़कर नारे लगाने पर आयुक्त नाराज हो गए। इसे लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस और हंगामा हुआ। पुलिस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजकार्य में बाधा उत्पन्न की और आयुक्त कक्ष में अनुशासनहीनता की।
हालांकि कुछ देर बाद मामला शांत हुआ और आयुक्त ने ज्ञापन स्वीकार कर लिया। सूरजपोल थाना पुलिस ने बताया कि पूरे घटनाक्रम के वीडियो मंगवाए गए हैं और कर्मचारियों व नेताओं के बयान दर्ज किए जाएंगे।
वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ ने कार्रवाई को राजनीतिक दबाव में दर्ज मामला बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से ज्ञापन देना अपराध नहीं है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि निगम में भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाने पर कांग्रेस की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।