नवागत कलेक्टर ने जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुली पोल

Share

धार, 13 मई । मध्‍यप्रदेश के धार के नवागत कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने बुधवार को जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में गंदगी, अव्यवस्था और संसाधनों की कमी सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओपीडी, आईसीयू, डायलिसिस यूनिट, बेबी केयर यूनिट और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी यूनिट का निरीक्षण किया। इस दौरान कई वार्डों में सफाई व्यवस्था बदहाल मिली। जगह-जगह गंदगी देख कलेक्टर ने नाराजगी जताई और मरीजों के बेड की चादरें प्रतिदिन बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को संक्रमण मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी है।

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई वार्डों में पर्याप्त बेड उपलब्ध नहीं हैं, जिसके कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर के अचानक पहुंचने से अस्पताल स्टाफ और डॉक्टरों में हड़कंप की स्थिति बन गई। कर्मचारी तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने में जुट गए।

ओपीडी निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पर्ची काउंटर पर लिए जाने वाले शुल्क की जानकारी ली और अस्पताल परिसर में अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए शिफ्टवार रोस्टर व्यवस्थित करने को कहा, ताकि मरीजों को सेवाओं के लिए अधिक इंतजार न करना पड़े।

कलेक्टर ने वार्ड में भर्ती एक बालिका की मां से बातचीत कर उपचार संबंधी जानकारी भी ली। महिला ने बताया कि बच्ची को दस्त की शिकायत के कारण भर्ती कराया गया था और अब उसकी स्थिति में सुधार है। डॉक्टरों ने बच्ची के कुपोषण को देखते हुए उसे पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती करने की सलाह दी है।

निरीक्षण के दौरान हाई रिस्क प्रेग्नेंसी यूनिट में डॉक्टरों ने बताया कि गर्भवती महिलाओं की निगरानी ‘अनमोल पोर्टल’ के माध्यम से की जा रही है और जोखिम वाली महिलाओं को समय पूर्व अस्पताल में भर्ती किया जाता है, ताकि प्रसव के दौरान जटिलताओं से बचा जा सके।

कलेक्टर ने टोबैको नियंत्रण केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां स्टाफ ने बताया कि तंबाकू नियंत्रण को लेकर लगातार काउंसलिंग और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

पत्रकारों से चर्चा में कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने कहा कि जिला अस्पताल स्वास्थ्य सेवाओं का आधार होता है। उन्होंने कहा कि यह प्रारंभिक निरीक्षण था, जिससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति समझने का प्रयास किया गया है। साफ-सफाई और कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता है, ताकि दूरदराज से आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

निरीक्षण के दौरान अस्पताल में स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की कमी का मुद्दा भी सामने आया। कलेक्टर ने इस संबंध में शासन स्तर पर चर्चा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य प्रसव और बुनियादी इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सिविल अस्पतालों में सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे, जिससे जिला अस्पताल पर दबाव कम हो सके।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। लोगों ने उम्मीद जताई है कि नवागत कलेक्टर के सख्त रुख के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में स्थायी सुधार देखने को मिलेगा।