क्षेत्रों में हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
इस
दौरान कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार मानसून ट्रफ की अक्षीय रेखा वर्तमान में बीकानेर,
सतना और डालटागंज से होती हुई उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। 13 अगस्त
को इसके उत्तर दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती
परिसंचरण बनने की संभावना है। इन मौसमी परिस्थितियों के चलते हरियाणा में मानसून की
हवाओं की सक्रियता बढ़ने के आसार हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 13 अगस्त की रात से 15 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश
क्षेत्रों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक
भी होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने से स्थानीय स्तर पर जलभराव की
स्थिति भी बन सकती है।
16 अगस्त से घटेगी मानसूनी गतिविधि
एचएयू के मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बुधवार को बताया
कि पूर्वानुमान के अनुसार 16 अगस्त से मानसून ट्रफ के हिमालय की तलहटियों की ओर बढ़ने
की संभावना है। इसके चलते हरियाणा में मानसून की गतिविधियों में कमी आने के आसार हैं।
हालांकि बीच-बीच में बादल छाए रहने से मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं रहेगा। बादलवाही और
बारिश के असर से दिन के तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है, जबकि रात के तापमान
में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम में बदलाव के कारण लोगों को उमस से कुछ राहत मिलने
की उम्मीद है। मौसम विभाग ने बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
विशेष रूप से तेज गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास
खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।