नैनीताल, 12 अगस्त । राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) नैनीताल की ओर से राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मंगलवार को भवाली के एक होमस्टे में बुनकरों एवं कारीगरों के लिए एक दिवसीय जागरूकता एवं संवाद कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में लगभग 60 बुनकरों, कारीगरों एवं अन्य हितधारकों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान स्वरोजगार, प्रशिक्षण, ऋण एवं वित्तीय सहायता, उत्पादों के विपणन और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ स्थानीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। इस अवसर पर उल्लेखनीय योगदान देने वाले लगभग 10 बुनकरों एवं कारीगरों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यशाला में बुनकरों एवं कारीगरों को प्रशिक्षण सुविधाओं, स्वरोजगार, उद्यम विकास, बैंकिंग एवं ऋण सुविधाओं तथा उत्पादों के बाजार से जोड़ने संबंधी जानकारी दी गई। मुकेश बेलवाल ने कहा कि उत्तराखंड की पारंपरिक हथकरघा एवं हस्तशिल्प कला राज्य की सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कौशल विकास, वित्तीय समावेशन, बेहतर पैकेजिंग, उत्पाद विविधीकरण और बाजार संपर्क को मजबूत करने पर जोर दिया। अमित बाजपेयी ने पात्र बुनकरों एवं कारीगरों से बैंकिंग क्षेत्र की वित्तीय सुविधाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
प्रतिभागियों ने उत्पादन, कच्चे माल, वित्त, प्रशिक्षण, बाजार एवं उत्पाद बिक्री से जुड़ी समस्याएं भी अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनके समाधान की संभावनाओं पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में स्थानीय बुनकरों, कारीगरों, बैंकों, सरकारी विभागों एवं विकास संस्थाओं के बीच समन्वय बढ़ाकर पारंपरिक कौशल को टिकाऊ ग्रामीण आजीविका से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक मुकेश बेलवाल, अग्रणी जिला प्रबंधक अमित बाजपेयी, जन शिक्षण संस्थान से गोपाल, जिला उद्योग केंद्र एवं विभिन्न बैंकों तथा गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि, आरसेटी के निदेशक गितेश त्रिपाठी, वरिष्ठ पत्रकार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।