कांग्रेस ने की राज्य के युवाओं की अनदेखी के षड़यंत्र की जांच मांग

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नई दिल्ली/चंडीगढ़, 12 मई । कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हरियाणा सरकार सरकारी नौकरियों में हरियाणा के युवाओं के हक पर डाका डाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्लास-1 से क्लास-3 तक की अधिकतर भर्तियों में 70-80 प्रतिशत पद बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को दिए जा रहे हैं।

सुरजेवाला ने नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि हरियाणा में यह काम हो रहा है कि चपरासी हमारे और अफसर हरियाणा से बाहर के लगेंगे। एचपीएससी के चेयरमैन बिहार से आए हैं। वे लगातार हरियाणा के युवाओं का अपमान कर रहे हैं। जब खुद हरियाणा सरकार स्थानीय युवाओं को अयोग्य बताकर बाहरी लोगों को नौकरियां दे रही है, तो युवाओं की सुध कौन लेगा। सुरजेवाला ने असिस्टेंट प्रोफेसर (कालेज काडर) हिंदी विषय की भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि कुल 139 पदों में 67 जनरल कैटेगरी के थे। दो साल बाद रिजल्ट आया तो मात्र 60 पद भरे गए। इन 60 पदों में से 41 पदों पर हरियाणा से बाहर के उम्मीदवारों को नियुक्त किया गया। उन्होंने साइकोलाजी विषय की भर्ती का भी जिक्र किया, जिसमें जनरल कैटेगरी के 44 पदों में केवल दो उम्मीदवार ही पास किए गए।

सुरजेवाला ने कई अन्य भर्तियों के आंकड़े देते हुए कहा कि टावर यूटिलिटी असिस्टेंट इंजीनियर में जनरल के 214 पदों में 185 बाहरी हैं। सहायक अभियंता (सिविल) में जनरल के 49 पदों में से 28 बाहरी हैं। एएमओ भर्ती में जनरल के 427 पदों में 75 प्रतिशत बाहरी हैं। सिविल जज में 110 पदों में 60 बाहरी हैं। तकनीकी शिक्षा प्राध्यापक में जनरल के 153 में से 106 बाहरी हैं।

कांग्रेस नेता ने कहा कि 2019 में एसडीओ (बिजली) भर्ती में 80 पदों पर केवल दो हरियाणवी युवा ही चयनित हुए थे, जिसे बाद में विरोध के चलते रद करना पड़ा था। अब भाजपा सरकार ने डोमिसाइल की अवधि 10 साल से घटाकर पांच साल कर दी है, जिसके चलते एनसीआर क्षेत्र में बस चुके दूसरे राज्यों के लोग हरियाणा के आरक्षित पदों पर भी दावा कर रहे हैं। ऐसे में युवाओं के रोजगार पर डाका डालने के षड्यंत्र की व्यापक जांच कराई जाए।