मेरठ, 07 जून (हि.स.)। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अरविंद मलप्पा बंगारी ने कहा कि मेरठ एवं सहारनपुर में लगाए गए स्मार्ट मीटरों से विद्युत लाईन हानियों में कमी आई है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
ऊर्जा भवन स्थित पीवीवीएनएल डिस्कॉम मुख्यालय मेरठ में मंगलवार को आरडीएसएस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक अरविंद मलप्पा बंगारी ने कार्यशाला का शुभारम्भ किया। एनपीटीआई द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मेरठ, मुरादाबाद, सम्भल, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, नोएडा आदि जनपदों के अवर अभियन्ता, उपखण्ड अधिकारी एवं अधिशासी अभियन्ता स्तर तक के अधिकारियों ने भाग लिया। एनपीटीआई के कार्यक्रम निदेशक डॉ. दीपक शर्मा ने प्रबन्ध निदेशक को हरा पौधा देकर सम्मानित किया।
प्रबन्ध निदेशक ने कहा कि आरडीएसएस के अन्तर्गत एएमआई स्मार्ट मीटर पर आधारित यह कार्यक्रम अभियन्ताओं के लिये लाभकारी सिद्ध होगा। केन्द्रीय ऊर्जा मत्रांलय द्वारा अधिसूचित रिवैम्प डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसके अन्तर्गत पूर्व में प्रचलित योजनाएं जैसे दीनदयाल ग्रामीण विद्युतीकरण एवं आईपीडीएस योजना के अवशेष कार्यों को समाहित करके उपभोक्ताओं को गुणवत्तापरक, विश्वसनीय एवं सामर्थ्य योग्य विद्युत आपूर्ति करने करने के लिए आर्थिक रूप से स्थिर एवं परिचालित रूप से कुशल विद्युत वितरण सेक्टर बनाया जाना है। योजना के तहत वर्ष 2024-25 तक विद्युत लाईन हानियों को 12 से 15 प्रतिशत तथा औसत आपूर्ति मूल्य एवं औसत राजस्व प्राप्ति का गैप शून्य किया जाना है।
एनपीटीआई की महानिदेशक डॉ. तृप्ता ठाकुर ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी आरडीएसएस स्कीम के सम्बन्ध में विस्तार से बताया तथा विद्युत बचत की भूमिका में स्मार्ट मीटर के योगदान के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत बिजली वितरण कम्पनियों के वितरण सम्बन्धित बुनियादी ढाचों को सुदृढ़, उन्नत एवं आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का लक्ष्य है।
एनपीटीआई बदरपुर दिल्ली की संस्था प्रमुख डॉ. इन्दु माहेश्वरी ने एएमआई का महत्व तथा डिस्कॉम मे योगदान के बारे में बताया एवं डेटा के एनालेसिस के यूज का महत्व व विद्युत की बचत में योगदान के सम्बन्ध मे जानकारी दी। इस स्कीम में स्मार्ट प्रीपेड मीटंिरग, डीटी के लिए संचारी फीडर और एकीकृत सॉफ्टवेयर पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि एनपीटीआई को देशभर में आरडीएसएस पर प्रशिक्षण करने के लिये नोडल एजेंसी बनाया गया है।
इस अवसर पर निदेशक वाणिज्य आईपी सिंह, निदेशक कार्मिक एवं प्रबंधन एसके पुरवार, मुख्य अभियंता मानव संसाधन आरपी सिंह, मुख्य अभियंता तकनीकी बीएल मौर्य, मुख्य अभियंता आरएस यादव, अधीक्षण अभियंता तकनीकी संदीप पांडेय, अधीक्षण अभियंता प्रशिक्षण आरती कटियार, अधिशासी अभियंता अनुराग सिंह आदि उपस्थित रहे।