जगराओं में हाल ही में एक गंभीर दुर्घटना हुई, जिसमें एक परिवार कोर्ट में जा रहे थे और उनकी बाइक को एक कार ने टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन लोग घायल हुए हैं। दरअसल, पुलिस ने 15 दिनों के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपित की पहचान बलराज सिंह के रूप में हुई है, जो गांव सिधवां कलां का निवासी है। हालांकि पुलिस अभी तक उसे पकड़ने में सफल नहीं हो पाई है।
पीड़ित महिला मनदीप कौर ने अपनी शिकायत में बताया कि यह मामला एक पूर्व सरपंच के बेटे बलराज सिंह से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि बलराज के माता-पिता के खिलाफ उनकी सास मंजीत कौर ने 2022 में जमीन पर कब्जा करने की शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद से आरोपी परिवार पर दबाव बनाने और उन्हें डराने की कोशिश कर रहा था। मनदीप के अनुसार, वह अपने परिवार के साथ अनवरत गालियाँ सुनने को बाध्य हो रहे थे और इसके खिलाफ उन्होंने पुलिस में भी शिकायत की थी। लेकिन पुलिस ने ना तो कोई कार्रवाई की और ना ही उनकी सुनवाई हुई।
तंग आकर मनदीप ने अपनी 70 वर्षीय बुजुर्ग सास और पति के साथ एसएसपी दफ्तर के बाहर धरना देने का निर्णय लिया। धरने के दौरान पुलिस ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त करने के लिए कह दिया। लेकिन जब वे दो दिनों बाद कोर्ट में तारीख पर जा रहे थे और बाइक पर सवार थे, तभी बलराज ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में मनदीप की सास और पति गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस के जांच अधिकारी ने जानकारी दी है कि मामले की संवेदनशीलता के कारण जांच में 15 दिनों का समय लगा। अंततः उन्होंने बलराज के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा। घटना के बाद, सभी सोचने लगे कि अगर पुलिस पहले ही उचित कदम उठाती तो यह भयानक हादसा टल सकता था। मंजीत कौर की बेटी हरप्रीत कौर ने भी आरोप लगाया कि अगर पुलिस पहले से कार्रवाई करती, तो उनके परिवार को अस्पताल में ऐम्बुलेंस में नहीं लेटना पड़ता।
इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार के लिए कठिनाई खड़ी की है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि न्याय पाने के लिए अक्सर लोगों को कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पुलिस की नाकामियों और अदालती कार्यवाही के रास्ते में आने वाली बाधाएँ इस मामले में बेहद चिंताजनक हैं। अब देखना यह है कि पुलिस बलराज को कब पकड़ पाती है और पीड़ित परिवार को मिल रहा है न्याय या नहीं।