फरीदकोट में रोडवेज कर्मचारियों का हंगामा: सरकार पर बरसे, पक्का करने की मांग, सीएम आवास घेराव की चेतावनी!

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पंजाब के फरीदकोट स्थित बस स्टैंड पर पंजाब रोडवेज, पनबस, और पीआरटीसी के कांट्रेक्ट वर्करों की यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार और प्रबंधन के खिलाफ ऐक बड़ा धरना दिया। इस धरने में शामिल कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी की और अगले दिनों में अपने आंदोलन को तेज करने तथा व्यापक हड़ताल की चेतावनी दी। यूनियन के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह और प्रांतीय नेता हरप्रीत सिंह सोढ़ी ने कहा कि लंबे समय से कॉन्ट्रेक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों की उचित मांगों की अनदेखी की जा रही है।

उन्होने यह भी बताया कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले वादा किया था कि सभी विभागों में कच्ची और कॉन्ट्रेक्ट बेस पर कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित किया जाएगा। हालांकि, पिछले तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सरकार ने किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की। अगर उनकी मांगों को जल्द नहीं सुना गया, तो यूनियन के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे। इसके तहत राज्य भर में बसों का चक्का जाम करने और मुख्यमंत्री के आवास के बाहर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने की योजना बनाई जा रही है।

इन कर्मचारियों की मुख्य मांगों में शामिल है—कच्चे कर्मचारियों को स्थायी नौकरी पर रखना, उन कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि करना जो कम वेतन पर काम कर रहे हैं, नई बसों की खरीदारी करना, समान कार्य के लिए समान वेतन नीति लागू करना और अवैध अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत निकाले गए कर्मचारियों को पुनः बहाल करना। इस संबंध में यूनियन ने राज्य भर में सभी विधायकों को ज्ञापन सौंपा है, ताकि उनकी बातों को गंभीरता से लिया जा सके और समस्याओं का समाधान हो सके।

यह धरना और आन्दोलन इस बात का संकेत है कि कर्मचारियों में निराशा और असंतोष तेजी से बढ़ रहा है, और यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में यह संकट और भी गंभीर हो सकता है। फरीदकोट में चल रहा यह आंदोलन केवल एक शहर की स्थिति नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में समान समस्याओं का सामना कर रहे कर्मचारियों की आवाज है। वे अपनी मेहनत और अधिकारों के प्रति सजग हैं और किसी भी कीमत पर अपने हक के लिए लडऩा चाहते हैं।

कुल मिलाकर, यह प्रदर्शन उन सभी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है जो अपनी नौकरी की स्थिरता और बेहतर वेतन की मांग कर रहे हैं। यूनियन के सदस्यों की एकता और संघर्ष को देखते हुए, यह सरकार और प्रबंधन के लिए अब समय है कि वे इन आवश्यक मुद्दों पर ध्यान दें और तात्कालिक समाधान प्रदान करें। ऐसे में, आगामी समय कर्मचारियों की मांगों के लिए वास्तविक परिवर्तन का गवाह बन सकता है या उन्हें पुनः संघर्ष के रास्ते पर धकेल सकता है।