पंजाब की जेलों में महिला कैदियों के छह साल से कम उम्र के बच्चों की शिक्षा को लेकर एक नई पहल की गई है। जेल विभाग ने पहली बार 22 जूनियर बेसिक ट्रेनर्स (जेबीटी) शिक्षकों की भर्ती की है। इनमें से 15 शिक्षकों को आज नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं, जबकि शेष सात को जल्द ही नियुक्ति पत्र मिलने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री लालजीत भुल्लर ने कहा कि यह कदम न केवल कैदियों और उनके बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह भर्ती 30 वर्षों के बाद पहली बार की गई है, जिससे यह यह दर्शाता है कि सरकार जेलों में शिक्षा को गंभीरता से ले रही है। नव-नियुक्त शिक्षकों को उनके निवास के नजदीक तैनात किया गया है, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभा सकें। इसके अलावा, जेल विभाग ने 738 वार्डनों और 25 मैट्रनों की भर्ती की प्रक्रिया को पहले ही पूरा कर लिया है, जबकि 175 वार्डनों और 4 मैट्रनों सहित कुल 179 गार्ड स्टाफ के पदों पर भर्ती चल रही है। इसके तहत, विभिन्न श्रेणियों के लिए 1,220 पद पुनः सृजित किए जा रहे हैं और उनकी भर्ती प्रक्रिया जल्द ही प्रारंभ की जाएगी।
पंजाब की जेलों में शिक्षा के क्षेत्र में भी विकास हो रहा है। वर्तमान में, लगभग 2,200 कैदी विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में नामांकित हैं, जो जेलों में चलाए जा रहे शैक्षिक प्रोजेक्ट्स का हिस्सा हैं। इसके अतिरिक्त, पंजाब कौशल विकास मिशन के माध्यम से जनवरी 2025 से इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, और टेलरिंग जैसे कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 513 कैदियों को प्रशिक्षण देने की योजना है। इस प्रकार, शिक्षा और कौशल विकास का यह प्रयास कैदियों को पुनर्वास में सहायता करेगा और उन्हें समाज में एक सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए सक्षम बनाएगा।
मंत्री लालजीत भुल्लर ने यह भी बताया कि सरकार ने पिछले 33 महीनों में युवाओं को लगभग 50,000 नियमित सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। साथ ही, निजी क्षेत्र में 2,65,430 उम्मीदवारों को रोजगार मुहैया कराया गया है। इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सशक्त बनाना और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है, जिससे उनका जीवन स्तर सुधर सके और वे समाज में एक महत्वपूर्ण स्थान बना सकें।
इस तरह के कदमों सेPunjab सरकार की यह नीति स्पष्ट होती है कि वह समाज के कमजोर तबकों, विशेष रूप से कैदियों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से इन लोगों को समाज में पुनःस्थापित करने का यह प्रयास निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम प्रदान करेगा।