पूर्वी सिंहभूम, 06 अक्टूबर । पूर्वी सिंहभूम में पुलिस और आम जनता के बीच संपर्क व्यवस्था को लेकर मंगलवार को सियासी हलचल तेज हो गयी। झारखंड प्रदेश भाजपा ने जमशेदपुर के थानों में थाना प्रभारियों के सरकारी मोबाइल फोन पर उपलब्धता को लेकर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधा। भाजपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि शहर के 17 थानों में से 11 थाना प्रभारियों के सरकारी मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के बावजूद फोन का जवाब नहीं मिला।
भाजपा ने इसे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल बताते हुए कहा कि आपात स्थिति में यदि किसी व्यक्ति को अपने नजदीकी थाने से मदद की जरूरत पड़े और थाना प्रभारी से ही संपर्क नहीं हो सके तो वह अपनी शिकायत लेकर कहां जाए। पार्टी ने जमशेदपुर में हाल के दिनों में सामने आयी हत्या, छिनतई और हमले की घटनाओं का हवाला देते हुए हेमंत सोरेन सरकार पर कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाया।
भाजपा की ओर से सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में सरकार पर राजनीतिक हमला करते हुए कहा गया कि राज्य की जनता अपराध और अव्यवस्था को देख रही है। पार्टी ने पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
इधर, मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी थाना प्रभारियों के सरकारी फोन की उपलब्धता को लेकर सख्ती बरती है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि सरकारी मोबाइल नंबर 24 घंटे चालू रहना चाहिए और आम लोगों के फोन आने पर उसका जवाब दिया जाए। इस निर्देश के बाद थाना स्तर पर सरकारी नंबरों की निगरानी और फोन रिस्पांस व्यवस्था को लेकर गंभीरता बढ़ने की उम्मीद है।
पुलिस तक पहुंचने के लिए आम लोगों का सबसे पहला माध्यम थाना होता है। ऐसे में थाना प्रभारी का सरकारी मोबाइल नंबर जरूरत के समय पुलिस सहायता हासिल करने का सीधा जरिया है। फोन नहीं उठने की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
एसएसपी के निर्देश के बाद अब यह देखना होगा कि शहर के सभी थानों में सरकारी फोन व्यवस्था कितनी प्रभावी होती है और आपात स्थिति में आम नागरिकों को थाना प्रभारियों से तत्काल संपर्क की सुविधा मिल पाती है या नहीं।
