वाराणसी, 06 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद स्थित सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतर विश्वविद्यालयीय स्तर पर मंच उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों के प्रतिभावान खिलाड़ियों को जोनल तथा अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालयीय खेल प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कराने के लिए विभिन्न खेलों में चयन एवं प्रतियोगिता कार्यक्रम जारी किया गया है।
कुलसचिव राकेश कुमार ने मंगलवार को सूचना जारी कर विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्षों और संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों से प्रतिभावान खिलाड़ियों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने बताया कि अंतर महाविद्यालयीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर विश्वविद्यालय की टीम गठित की जाएगी। चयनित खिलाड़ी आगे जोनल और अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगे।
विश्वविद्यालय के खेल कार्यक्रम में अंतरकक्षीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता के साथ तीरंदाजी, बॉक्सिंग, ताइक्वांडो, कुश्ती, योगासन, कराटे, सांसद खेल-कूद तथा फिट इंडिया खेल-कूद प्रतियोगिताओं को शामिल किया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता 10 अक्टूबर 2026, बॉक्सिंग 7 अक्टूबर, कराटे 12 अक्टूबर, ताइक्वांडो 15 दिसंबर और कुश्ती प्रतियोगिता 18 दिसंबर को प्रस्तावित है।
इसी क्रम में आगामी जोनल एवं अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिताओं के लिए भी कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। तीरंदाजी प्रतियोगिता तेजपुर विश्वविद्यालय, असम में 15 से 22 दिसंबर, बॉक्सिंग गल्गोटियास विश्वविद्यालय में 31 अक्टूबर से 5 नवंबर, ताइक्वांडो विवेकानंद ग्लोबल विश्वविद्यालय, जयपुर में 1 से 5 दिसंबर, कुश्ती पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में 20 से 28 फरवरी 2027 तथा योगासन प्रतियोगिता गुजरात विश्वविद्यालय में 22 से 27 फरवरी 2027 प्रस्तावित है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने चयन प्रक्रिया में ऐसे खिलाड़ियों को अवसर देने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने कम से कम राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया हो अथवा संबंधित खेल में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया हो। चयन के लिए खिलाड़ियों को हाईस्कूल से वर्तमान कक्षा तक के शैक्षणिक अभिलेख, आधार कार्ड और पासपोर्ट आकार के चार फोटो प्रस्तुत करने होंगे। इच्छुक खिलाड़ी निर्धारित तिथि तक विश्वविद्यालय के क्रीड़ा विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
कुलसचिव ने बताया कि जोनल और अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिताओं के लिए चयनित खिलाड़ियों के प्रतिभाग से संबंधित व्यय नियमानुसार संबंधित महाविद्यालय द्वारा वहन किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी विभागाध्यक्षों और प्राचार्यों से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हुए अधिकाधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन, शारीरिक दक्षता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने के साथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर उपलब्ध कराना है।
