निजी क्षेत्र के बैंक सरकारी वित्तीय समावेशन योजनाओं में भागीदारी बढ़ाएं: वित्त मंत्रालय

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नई दिल्ली, 06 अक्टूबर । वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को निजी क्षेत्र के बैंकों से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) और स्टैंड अप इंडिया सहित वित्तीय समावेशन योजनाओं में अपनी भागीदारी बढ़ाने को कहा। बैठक में बैंकों से डिजिटल पहुंच बढ़ाने और ऋण की एंड-टू-एंड डिजिटल प्रक्रिया पर ध्यान देने का आग्रह किया गया।

वित्त मंत्रालय ने जारी बयान में बताया कि वित्त सेवा विभाग (डीएफएस) सचिव संजय लोहिया की अध्यक्षता में यहां एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में निजी क्षेत्र के बैंकों को सरकारी वित्तीय समावेशन योजनाओं में अपनी भागीदारी और डिजिटल पहुंच तेजी से बढ़ाने का निर्देश दिया गया। डीएफएस सचिव संजय लोहिया ने सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों (पीएसबी) के प्रमुखों और निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंकों (पीवीबी) के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बैंकों से 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक चलने वाले आगामी वित्तीय समावेशन परिपूर्णता अभियान में पूरे उत्साह के साथ भाग लेने का आग्रह किया।

संजय लोहिया ने निजी क्षेत्र के बैंकों से समाज के वंचित वर्गों की सेवा करने और उनकी बैंकिंग जरूरतों को पूरा करने पर अधिक जोर देने को कहा। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई) और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) सहित विभिन्न वित्तीय समावेशन योजनाओं के तहत हुई प्रगति की समीक्षा की गई।

मंत्रालय के अनुसार बैठक में स्टैंड अप इंडिया, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा गांवों में बैंक मित्र की तैनाती करने और बैंकों की पारंपरिक शाखाएं खोलने की समीक्षा की गई। इसके अलावा लोहिया ने निजी क्षेत्र के बैंकों से वित्तीय समावेशन योजनाओं में अपनी भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया।