प्रयागराज, 12 मई । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना का लाभ देने पर विचार का तीन अवसर देने के बावजूद अस्वीकार करने पर जिलाधिकारी चित्रकूट को 14 मई को हाजिर होने तथा स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।
कहा है कि बतायें उनका आदेश कैसे कायम रहने लायक है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव तथा न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने राजवतिया की याचिका पर दिया है।
याची के पति किसान थे, मौत के बाद योजना अंतर्गत मुआवजे की मांग की। सुनवाई न होने पर हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को निर्णय लेने का निर्देश दिया। प्रतिकूल आदेश के खिलाफ याचिका पर कोर्ट ने जिलाधिकारी को योजना के अनुसार विचार कर निर्णय लेने का आदेश दिया।
इसके बाद भी जिलाधिकारी ने यह कहते हुए अर्जी खारिज कर दी कि बटाई पर लेने वाले का हलफनामा अर्जी के साथ न देकर एक साल बाद में दिया गया। जिससे संदेह पैदा होता है।
कोर्ट ने कहा अर्जी योजना के विपरीत निरस्त की गई है। कोर्ट ने जिलाधिकारी के आदेश को संतोषजनक नहीं माना और जिलाधिकारी को तलब किया है।