पश्चिमी सिंहभूम, 25 अक्टूबर । पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी खनन क्षेत्र में बंद पड़ी खदानों को दोबारा चालू करने, स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने और आदिवासी मजदूरों का पलायन रोकने की मांग को लेकर आदिवासी किसान मजदूर पार्टी ने आंदोलन की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने 28 अक्टूबर को नोवामुंडी प्रखंड कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इसी सिलसिले में रविवार को पार्टी के जिलाध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया के नेतृत्व में खदान प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मानसिंह तिरिया ने कहा कि नोवामुंडी क्षेत्र लौह अयस्क और मैंगनीज जैसी खनिज संपदाओं से समृद्ध है, लेकिन यहां के आदिवासी और मजदूर परिवार रोजगार के संकट से जूझ रहे हैं। कई खदानों के बंद रहने से स्थानीय लोगों के सामने आजीविका की समस्या खड़ी हो गई है। रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में ग्रामीणों को तमिलनाडु, ओडिशा और कर्नाटक सहित दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बाहर काम करने वाले मजदूरों के शारीरिक और मानसिक शोषण की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं।
तिरिया ने कहा कि खनिज संपदा से भरपूर होने के बावजूद झारखंड के स्थानीय निवासियों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। क्षेत्र के अनेक आदिवासी परिवार आज भी लकड़ी, दातून और पत्ते बेचकर जीवनयापन करने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक और सांसद रोजगार एवं पलायन की समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त पहल नहीं कर रहे हैं। खनिज संपदा का लाभ बड़े औद्योगिक घरानों को मिल रहा है, जबकि स्थानीय ग्रामीण रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
उन्होंने मांग की कि बंद पड़ी खदानों को दोबारा चालू करने के लिए आदिवासियों की सहकारी समितियों का गठन कर उनके माध्यम से खनन कार्य कराया जाए। साथ ही खदानों में मशीनों पर निर्भरता कम कर स्थानीय मजदूरों को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को आजीविका के अवसर मिल सकें।
तिरिया ने जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की राशि का उपयोग खनन प्रभावित गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार के लिए करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा का लाभ सबसे पहले उन गांवों और परिवारों तक पहुंचना चाहिए, जो खनन गतिविधियों से सीधे प्रभावित हैं।
जागरूकता अभियान के दौरान पार्टी प्रतिनिधियों ने नोवामुंडी, जामदा, दिरिबुरू, खास जामदा, कोनतोडेया, सिंदरीगुयू, बलजोड़ी, पदापहाड़, बोंगामंडा और ईटरबालजोड़ी सहित कई गांवों का दौरा किया। इस दौरान बिंद्राय सुरीन, बुधराम बालमुचू, शंभू चातोम्बा और सुकुर मनी बालमुचू सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।———-
