गुरुग्राम, 13 सितंबर । शहर की सबसे ऊंची बिल्डिंग आईएफसी के सामने चौक पर रविवार को सेंकड़ों रेजिडेंट्स ने अवैध कचरा डंपिंग और बदहाल सुविधाओं के खिलाफ प्रदर्शन किया। विभिन्न सोसायटियों के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर स्वच्छता, टूटी सडक़ों और बुनियादी ढांचे में सुधार की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गुरुग्राम जैसी ग्लोबल सिटी में बुनियादी सुविधाओं का गिरता स्तर चिंताजनक है। नगर निगम, जीएमडीए और अन्य विभाग सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं और अस्थायी काम कर रहे हैं। सरकारी एजेंसियों में तालमेल की कमी से शहर की यह हालत हुई है। मेक माई गुरुग्राम और जीआरएपी आंदोलनों की संयोजक गौरी सरीन ने कहा कि गुरुग्राम के लोग भारी टैक्स चुकाते हैं और देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देते हैं, बदले में वे व्यवस्थित कचरा प्रबंधन, सही जल निकासी वाली नालियां और साफ-सुरक्षित सार्वजनिक स्थान चाहते हैं।
हाथों में तख्तियां लिए रेजिडेंट्स ने कहा कि वे गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड की सोसायटियों द्वारा हस्ताक्षरित याचिका लेकर आए हैं। स्थानीय निवासी खुशबू ने कहा कि वे अपने शहर को कूड़ाग्राम नहीं बनने देंगे। द्वारका एक्सप्रेसवे आरडब्ल्यूए के प्रेसिडेंट बी. सरीन ने कहा कि नागरिकों का सब्र जवाब दे चुका है। अब कागजी दावों से काम नहीं चलेगा। निगम और जीएमडीए को दोषारोपण बंद कर एक साथ समन्वित कार्रवाई करनी होगी। बहानों का वक्त खत्म, अब काम चाहिए।