टिकट दलालों पर शिकंजा, एक साल में 66 गिरफ्तार

Share

जोधपुर, 03 मई । रेल टिकटों की कालाबाजारी के खिलाफ उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए वर्ष 2025-26 के दौरान चलाए गए विशेष अभियान में 66 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 4 लाख 3 हजार का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा करीब 250 संदिग्ध आईडी के माध्यम से ब्लॉक करवाई गई हैं।

वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (सुरक्षा) नीतीश कुमार शर्मा ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के निर्देशन में यह सघन अभियान चलाया गया। इस दौरान रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 143 के तहत कुल 63 मामले दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान जोधपुर, भगत की कोठी, मेड़ता रोड, समदड़ी व जैसलमेर स्टेशन के पीआरएस काउंटरों पर 16 लोगों को पकड़ा गया, जबकि फर्जी तरीके से ई-टिकट बनाने के मामलों में 47 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

आरपीएफ के अनुसार दर्ज मामलों में से 49 मामलों में 50 व्यक्तियों पर न्यायालय ने जुर्माना लगाया है। वहीं 3 मामलों में 4 आरोपी ट्रायल पर हैं, जबकि 11 मामलों में 12 व्यक्तियों के खिलाफ जांच जारी है। बता दे कि रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 143 के तहत अनधिकृत रूप से रेल टिकटों की खरीद-फरोख्त या दलाली करना दंडनीय अपराध है। यह प्रावधान ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की टिकटिंग पर लागू होता है। इस अपराध में 3 वर्ष तक का कारावास, दस हजार तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। साथ ही टिकट जब्त किए जा सकते हैं। सामान्यत: न्यूनतम सजा एक माह का कारावास या 5 हजार जुर्माना निर्धारित है, जब तक कि न्यायालय विशेष कारण न बताए।

सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने यात्रियों से आग्रह किया है कि टिकट बुकिंग के लिए केवल अधिकृत माध्यमों का ही उपयोग करें और किसी भी प्रकार के दलाल या अनधिकृत एजेंट के संपर्क में न आएं। टिकट हमेशा स्वयं या अधिकृत प्लेटफॉर्म से ही बुक करें। किसी भी व्यक्ति को अपनी यूजऱ आईडी और पासवर्ड साझा न करें। सस्ते या जल्दी कन्फर्म टिकट के झांसे में आकर अवैध तरीके अपनाने से बचें। यदि कहीं टिकटों की कालाबाजारी या फर्जी बुकिंग की जानकारी मिले तो तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या नजदीकी रेलवे अधिकारियों को सूचित करें।