नई दिल्ली, 01 अप्रैल । पश्चिम एशिया संकट के बीच भारी घाटे और वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रही टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया निदेशक मंडल की सात मई को मुंबई में बैठक होगी। बैठक में लागत घटाने के उपाय, नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के चयन, वित्तीय स्थिति और अन्य मुद्दों पर चर्चा कर सकता है।
सूत्रों ने रविवार को बताया कि टाटा संस के अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन की अध्यक्षता में 07 मई को मुंबई में निदेशक मंडल की बैठक होगी। इसमें लागत घटाने के उपाय, तथा 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष 2025-26 के वित्तीय नतीजे और नए सीईओ की नियुक्ति से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, टाटा संस और एयर इंडिया ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।
सूत्रों ने बताया कि कंपनी को 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष 2025-26 में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक का घाटा होने का अनुमान है। पश्चिम एशिया संकट की वजह से कंपनी के समक्ष चुनौतियां और बढ़ गई हैं। तेजी से बढ़ती विमान ईंधन कीमतों के बीच लागत घटाने के कड़े उपायों के तहत एयर इंडिया टिकट से भोजन और व्यवसाय श्रेणी के यात्रियों के लिए विश्राम कक्ष सुविधा को अलग करने के विकल्प पर विचार कर रही है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच लागत में कटौती के कड़े उपायों के तहत, एयर इंडिया अब हवाई टिकट से भोजन की सुविधा को अलग करने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही, बिजनेस क्लास के यात्रियों के लिए ‘लाउंज एक्सेस’ की सुविधा को भी वैकल्पिक बनाने पर मंथन किया जा रहा है। सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि ये उपाय अभी केवल विचाराधीन हैं और इन्हें लागू करने पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण हवाई क्षेत्र में लगी पाबंदियों के कारण एयरलाइन को कई अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए लंबे मार्ग को अपनाना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ रही है।
उल्लेखनीय है कि निदेशक मंडल की बैठक में नए सीईओ के चयन पर भी चर्चा होने की संभावना है। एयरलाइन में सिंगापुर एयरलाइंस की 25.1 फीसदी हिस्सेदारी है।