देहरादून, 03 मई (हि. स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिवप्रकाश ने रविवार को एक कार्यक्रम में कहा कि भारत को कमजोर करने के लिए वर्षों से सुनियोजित तरीके से नैरेटिव गढ़े जा रहे हैं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि राष्ट्रहित में एकजुट होकर सकारात्मक सोच को बढ़ावा दें और देश को मजबूत करने वाले प्रयासों में सहयोग करें।
रविवार शाम सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी सभागार में विश्व संवाद केंद्र की ओर से आयोजित नारद जयंती, पत्रकारिता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, आदि पत्रकार देवर्षि नारद जी के चित्र पर पुष्प अर्पण और वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ हुआ।
इस मौके पर शिवप्रकाश ने कहा कि देश की संस्कृति, इतिहास और शिक्षा पर लगातार चोट पहुंचाने के प्रयास हुए हैं, जबकि भारत प्राचीन काल से समृद्ध और लोकतांत्रिक परंपराओं वाला राष्ट्र रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी ताकतें, एनजीओ और विदेशी मीडिया भारत के खिलाफ भ्रम फैलाने में लगे हैं और सामाजिक आंदोलनों के जरिए अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री को लेकर सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि ‘अर्धसत्य’ से भ्रम फैलाया जा रहा है, इसलिए बिना सत्यापन के विश्वास न करें। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों की ओर से भारत को पिछड़ा दिखाने के लिए लंबे समय से एक धारणा बनाई गई, जबकि भारत में हजारों वर्ष पूर्व से लोकतांत्रिक और सामाजिक समरसता की मजबूत परंपरा रही है। महिलाओं के अधिकारों के संदर्भ में भी भारत की परंपराएं समतामूलक रही हैं, जिसे नजरअंदाज किया गया।
शिवप्रकाश ने कहा कि वर्तमान समय में ‘पांचवीं पीढ़ी के'(फिफ्थ जेनरेशन वार) के तहत वैचारिक स्तर पर समाज को विभाजित करने की कोशिश हो रही हैं। उन्होंने कहा कि देवर्षि नारद को विश्व के आदि पत्रकार के रूप में स्मरण किया जाता है, जिन्होंने लोककल्याण के लिए संवाद और सूचना का कार्य किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का ध्येय केवल सूचना देना ही नहीं, बल्कि भारत के दर्शन, ज्ञान, परंपरा, नैतिक मूल्यों एवं सनातन संस्कृति को सशक्त करना भी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ सोशल मीडिया आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावशाली माध्यम बनकर उभरा है, जिसके माध्यम से राष्ट्रविरोधी नैरेटिव का सशक्त रूप से खंडन किया जाना आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अशोक बिंदलस (वरिष्ठ निदेशक, बिंदल्स बायोटेक लिमिटेड) ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सम्मानित पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और उसकी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में पत्रकारिता की विश्वसनीयता एवं नैतिकता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान उत्तरकाशी से प्रताप रावत, वरिष्ठ साहित्यकार सोमवारी लाल उनियाल, किरण कांत शर्मा, आश्विनी त्रिपाठी, रुड़की से नितिन कुमार, संचित शर्मा, थराली प्रेस क्लब के अध्यक्ष राकेश सती, आफताब अजमत को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रांत प्रचारक डॉ शैलेन्द्र, सह प्रांत चन्द्रशेखर, लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल क्षेत्रीय सामाजिक समरसता प्रमुख, संजय प्रान्त प्रचार प्रमुख, धनंजय विभाग प्रचारक, अध्यक्ष विश्व संवाद केंद्र सुरेन्द्र मित्तल, सचिव राजकुमार टांक और ‘हिमालय हुंकार’ के संपादक रणजीत सिंह ज्याला सहित अन्य उपस्थित रहे।