नई दिल्ली, 20 मई । केंद्र सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना ‘अटल पेंशन योजना’ (एपीवाई) के अंशधारकों की संख्या वित्त वर्ष 2026-27 में 10 करोड़ के पार पहुंचने की उम्मीद है। इस योजना के तहत ग्राहकों को 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक की न्यूनतम मासिक पेंशन की गारंटी दी जाती है।
पेंशन कोष नियामक पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन एस रमन ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित ‘अटल पेंशन योजना वार्षिक सम्मान समारोह 2026’ को संबोधित करते हुए कहा कि योजना में सालाना 18 फीसदी की वृद्धि दर को देखते हुए 2026-27 में ग्राहकों की संख्या 10 करोड़ से अधिक हो सकती है।
पीएफआरडीए के चेयरमैन ने बताया कि एपीवाई के अंशधारकों की संख्या वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक बढ़कर 8.96 करोड़ हो गई, जो एक साल पहले 7.61 करोड़ थी। इस दौरान इस पेंशन योजना से रिकॉर्ड 1.35 करोड़ नए ग्राहक जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि 18 फीसदी की वार्षिक वृद्धि दर को देखते हुए चालू वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक इसके ग्राहकों की संख्या 10 करोड़ पार कर जाने की संभावना है। रमन ने कहा कि यह संख्या 30 अप्रैल, 2026 तक बढ़कर 9.04 करोड़ से अधिक हो चुकी है।
रमन ने कहा कि 18-25 वर्ष के आयु वर्ग में नामांकन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जो युवाओं में दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। उन्होंने देशभर में पेंशन जागरूकता और ग्राहकों की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। अटल पेंशन योजना का संचालन पीएफआरडीए द्वारा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के समग्र प्रशासनिक ढांचे के तहत किया जाता है।
चेयरमैन एस रमन ने अपने संबोधन में देशभर के नागरिकों के लिए पेंशन समावेशन को बढ़ावा देने और वित्तीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने में अटल पेंशन योजना की निरंतर प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बैंकों को उनके प्रदर्शन के लिए बधाई दी और एपीवाई के तहत 9 करोड़ ग्राहक बनाने की महत्वपूर्ण उपलब्धि को सराहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने पूरे देश में एपीवाई की पहुंच को सुदृढ़ करने और उसका विस्तार करने में निरंतर सहयोग के लिए वित्तीय सेवा सचिव (डीएफएस) के प्रति आभार व्यक्त किया।
एपीवाई की शुरुआत 2015 में असंगठित क्षेत्र के कामगारों सहित सभी नागरिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी। इस योजना के तहत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के बैंक खाताधारक, जो आयकर दाता नहीं हैं, शामिल हो सकते हैं। इस योजना के तहत ग्राहकों के अंशदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक की न्यूनतम मासिक पेंशन की गारंटी दी जाती है।
उल्लेखनीय है कि पीएफआरडीए के अनुसार राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के अंशधारकों की संख्या वित्त वर्ष 2026-27 में 22 फीसदी से अधिक दर से बढ़ने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक एनपीएस के कुल ग्राहक 2.17 करोड़ थे और उनकी कुल परिसंपत्ति 15.95 लाख करोड़ रुपये रही।