अररिया 28 अप्रैल। नेपाल में नए सरकार गठन के बाद नेपाल में नए कानून और नियम के कारण भारतीय पर्यटकों का नेपाल के प्रति मोहभंग हो रहा है।अघोषित नाकाबंदी के बाद पर्यटन का सीजन होने के बावजूद भारत से नेपाल जाने वाले पर्यटकों में भारी कमी दर्ज की जा रही है। एक महीने के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार,एक महीने के दौरान जोगबनी से नेपाल प्रवेश करने वाले भारतीय पर्यटक की संख्या 8 हजार 237 है।
उल्लेखनीय हो कि नेपाल के तरफ से विराटनगर महानगरपालिका से बाहर जाने वाले वाहन और उसमे सवार व्यक्ति की गणना नेपाल सरकार पर्यटक के रूप में करती है।जोगबनी रानी सीमा पर अवस्थित नेपाल सरकार के रूट परमिट कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार,एक महीने के दौरान भारत से नेपाल प्रवेश किए वृद्ध 115,वृद्धा 66 , पुरुष 5844,महिला 1 हजार 513,बालक 393,बालिका 306 जोगबनी से विराटनगर सीमा मे प्रवेश किया है। इस दौरान बस 19, कार 1 हजार 748 और अन्य 17 सवारी साधन जोगबनी सीमा से नेपाल प्रवेश किया है ।नेपाल प्रवेश के दौरान रूट परमिट के तौर पर भारतीयों से कुल 9 लाख 59 हजार राजस्व वसूली की गई है।बस से 15 सौ के हिसाब से 28 हजार 500 , कार से प्रति कार 500 के हिसाब से 8 लाख 74 हजार और अन्य सवारी प्रति वाहन 200 के हिसाब से 3400 रूपये राजस्व नेपाल सरकार को यातायात रूट परमिट के रूप मे प्राप्त हुआ है।
दरअसल नेपाल में बालेन शाह की अगुवाई में बने सरकार के बाद कई कानूनों को सख्ती से लागू किया गया है।जिसके तहत भारतीय सीमा क्षेत्र से सौ रूपये से अधिक की खरीददारी करने वाले नेपाली नागरिक के समानों की सुरक्षा एजेंसी के द्वारा जांच और जब्त की जाती है।इसके अलावे बॉर्डर के साथ अन्य पर्यटकीय क्षेत्र में पर्यटकों को हो रही परेशानी को लेकर मोहभंग हो रहा है।जबकि नेपाल के राजस्व का सबसे बड़ा श्रोत पर्यटक ही है। रूट परमिट कार्यालय रानी के अधिकारियों के अनुसार वर्तमान समय में जो राजस्व प्राप्त हो रहा है,वह कई सालों में मार्च अप्रैल माह का सबसे कम राजस्व है।