जयपुर, 28 अप्रैल । राजस्थान हाईकोर्ट ने चौथ का बरवाड़ा थाना इलाके से दो माह पूर्व अपहृत हुई नाबालिग को दो सप्ताह में बरामद कर अदालत में पेश करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा कि यदि पीडिता बरामद नहीं होती है तो सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक हलफनामा पेश कर पुलिस की विफलता के कारणों की जानकारी दे। जस्टिस महेन्द्र कुमार गोयल और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश कुंज बिहारी मीणा की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
सुनवाई के दौरान स्थानीय थानाधिकारी अदालत में हाजिर हुए। वहीं अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश चौधरी ने अदालत को बताया कि पुलिस को पीडिता की मौजूदगी को लेकर कुछ सुराग मिला है। ऐसे में उसे बरामद करने के लिए समय दिया जाए। जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने पीडिता को पेश नहीं करने पर एसपी को हलफनामा देने को कहा है। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में अधिवक्ता लक्ष्मीकांत मालपुरा ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता की नाबालिग बेटी गत 8 फरवरी से गायब है। गांव के ही एक युवक के खिलाफ उसने स्थानीय थाने में अपहरण का मामला भी दर्ज कराया हुआ है। इसके बावजूद भी पुलिस अभी तक उसका पता नहीं लगा पाई है। उसे आशंका है कि पीडिता के साथ गलत घटना हो सकती है।