पंजाब और चंडीगढ़ में मौसमी बदलाव का दौर जारी है। हाल ही में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के चलते रातभर बारिश का सिलसिला जारी रहा है। आज रविवार को मौसम विभाग ने पंजाब के तरनतारन, अमृतसर, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर और नवांशहर में बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही, 23 जिलों में घने कोहरे के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। इस दौरान पिछले 24 घंटे में पंजाब के अधिकतम तापमान में 1.5 डिग्री की वृद्धि देखी गई है, लेकिन यह सामान्य तापमान से 2.6 डिग्री कम है।
विभिन्न क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 11.7 डिग्री से लेकर 19.4 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है, जहां मोहाली में सबसे अधिक तापमान 19.4 डिग्री और चंडीगढ़ में 18.9 डिग्री रहा। दूसरी ओर, शनिवार को गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री के स्तर तक गिर गया। पहाड़ों पर बर्फबारी के चलते पंजाब में शीतलहर, कोल्ड डे और कोहरे जैसे हालात ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से 12 जिलों में कोहरे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिनमें गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर और मलेरकोटला शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में कोहरे का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। हालांकि, मौसम विज्ञानियों का मानना है कि 16 जनवरी से मौसम में सुधार होने की संभावना है और 13 जनवरी से बारिश का अलर्ट खत्म हो सकता है। पिछले 24 घंटों में केवल तीन जिलों में बारिश हुई है, जिसमें फरीदकोट में 10.0 मिमी, फाजिल्का में 6.0 मिमी और फिरोजपुर में 1.0 मिमी बारिश का आंकड़ा दर्ज किया गया है।
कृषि संबंधी जानकारों का कहना है कि मौसमी बारिश फसलों के प्रति सकारात्मक प्रभाव डालती है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, बारिश और ठंड गेहूं की फसल के अंकुरित होने में मददगार साबित हो रही है, जिससे उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। यद्यपि, सरसों, गाजर, पालक और मटर की फसलों के लिए सीमित बारिश फायदेमंद है, परंतु घने कोहरे की स्थिति इन फसलों के लिए हानिकारक हो सकती है।
इस प्रकार, पंजाब और चंडीगढ़ का मौसमी अध्ययन दर्शाता है कि मौसमी बदलाव न केवल मौसम को बल्कि कृषि उत्पादकता को भी प्रभावित कर सकता है। किसान और मौसम विशेषज्ञ भविष्य में मौसम के इस खेल का अनुमान लगाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि कृषि क्षेत्र को बेहतर दिशा दी जा सके।