मुक्तसर माघी मेला में कीचड़ का कहर: दुकानदारों को लाखों का नुकसान!

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मुक्तसर के मलोट रोड पर आयोजित मनोरंजन मेले में हाल ही में हुई मूसलधार बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया है। लगातार हुई वर्षा के कारण मेला ग्राउंड जलमग्न हो गया है, जिससे मेले के आयोजक और दुकानदार दोनों ही दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। यह मेला 11 जनवरी से शुरू हुआ था, लेकिन बारिश के कारण इसका संचालन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।

भोला शंकर फर्म के मेला प्रबंधक मैनी ने जानकारी दी कि यह मेला माघी के त्योहार के अवसर पर आयोजित किया जा रहा था और इसका ठेका उन्हें 1 करोड़ 4 लाख रुपये में मिला था। मेले का संचालन 11 जनवरी से शुरू हुआ, लेकिन बारिश की वजह से सबसे अहम समय, जो 12 से 16 जनवरी के बीच होता है, व्यावसायिक गतिविधियों के लिए पूरी तरह से बंद हो गया है। जलभराव के कारण न केवल ग्राहक मेले में नहीं आ रहे हैं, बल्कि मेला ग्राउंड पर सड़क और सीवरेज का पानी भी भरता जा रहा है।

प्रबंधकों ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने आवश्यक सुविधाओं का उचित प्रबंध नहीं किया है। सड़क और सीवरेज का पानी मेला ग्राउंड में लगातार आ रहा है, जिससे कीचड़ की स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इससे न केवल मेले के प्रबंधकों को प्रतिदिन लाखों का नुकसान हो रहा है, बल्कि दुकानदारों का माल भी खराब हो रहा है, जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि मेले के प्रबंधक अब प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर जलभराव को तुरंत नहीं हटाया गया, तो मेले में ग्राहक दुकानों तक पहुंचने में असमर्थ रहेंगे। इस स्थिति का समाधान न होने के कारण उनके व्यापार पर गहरा असर पड़ेगा। प्रबंधकों की अपील है कि प्रशासन तुरंत कार्रवाई करे ताकि मेला फिर से अपना स्वरूप हासिल कर सके, और व्यापारियों को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।

इस समय, व्यापारिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यह आवश्यक है कि स्थानीय प्रशासन उचित कदम उठाए और स्थिति को सामान्य करने के लिए कार्य करे। यदि जल्दी कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भी बिगड़ सकती है, जिससे केवल मेले के प्रबंधकों नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापारियों को भी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे समय में जब मेला स्थानीय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है, सभी की उम्मीद है कि जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकाला जाएगा।