जेडीए पीडब्ल्यूसी बैठक में 286 करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी, यातायात व सीवरेज सुधार पर जोर

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जयपुर, 17 अप्रैल । जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की पीडब्ल्यूसी (पब्लिक वर्क्स कमेटी) की महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को जेडीसी सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से सीवरेज, यातायात सुधार और सड़क विकास सहित विभिन्न कार्यों के लिए करीब 286 करोड़ रुपए की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां दी गईं।

बैठक में सचिव गौरव सैनी, निदेशक आयोजना मृणाल जोशी, निदेशक अभियांत्रिकी देवेंद्र गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। राजधानी में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए जोन-7 में सिरसी रोड (सी.जोन बाईपास से सिरसी मोड़ तक) के चौड़ीकरण एवं विकास कार्य हेतु 48.76 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। इसके अलावा सीकर रोड पर चौमूं पुलिया से रोड नंबर 14 तक एट-ग्रेड यू-टर्न निर्माण के लिए 9.54 करोड़ तथा सहकार मार्ग स्थित इमली फाटक और ज्योति नगर टी-जंक्शन सुधार के लिए 5.96 करोड़ रुपए की कार्योत्तर स्वीकृति जारी की गई।

शहर में सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जोन-5 और 6 से एसटीपी नेवटा तक लेटरल सीवर लाइन बिछाने के लिए 95.16 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। वहीं भांकरोटा एवं आसपास क्षेत्रों से एसटीपी नेवटा तक सीवर लाइन के लिए 42 करोड़ और ग्राम गजधरपुरा स्थित 30 एमएलडी एसटीपी के अपग्रेडेशन हेतु 17.18 करोड़ रुपए की संशोधित स्वीकृति दी गई।

शहरी सौंदर्यीकरण के तहत विद्याधर नगर के सेंट्रल स्पाइन कॉरिडोर पर सेंट्रल फूड स्ट्रीट के पुनर्विकास एवं रखरखाव के लिए 3.38 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। इसके अलावा सेक्टर-1 विद्याधर नगर में इंफॉर्मेशन बिजनेस एंड एंटरटेनमेंट सेंटर निर्माण हेतु 10.50 करोड़ तथा स्वर्ण जयंती गार्डन की चारदीवारी के लिए 3.02 करोड़ रुपए मंजूर किए गए।

जोन-11 के अचरावाला, जयसिंहपुरा उर्फ तेजावाला और अभयपुरा में लैंड पूलिंग स्कीम के तहत सड़क एवं अन्य विकास कार्यों के लिए 40.07 करोड़ रुपए की संशोधित स्वीकृति दी गई। इसके अलावा मालवीय नगर में सड़क नवीनीकरण, सी.जोन बाइपास से कनकपुरा फाटक तक सड़क सुदृढ़ीकरण के लिए 6.85 करोड़ तथा जाहोता फ्लाईओवर से जाहोता गांव तक सड़क निर्माण के लिए 3.71 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।

बैठक में शहर के समग्र विकास, यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर व्यापक चर्चा की गई।