लुधियाना में आज भी 244 बसें हड़ताल पर, स्टूडेंट्स की पढ़ाई पर असर!

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लुधियाना, पंजाब: लुधियाना जिले में पीआरटीसी, पनबस, और पंजाब रोडवेज के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर तीन दिनों की हड़ताल पर हैं। मंगलवार को हड़ताल का दूसरा दिन भी जारी रहा, जिसके चलते बस अड्डों पर सभी बसें खड़ी रही। इस हड़ताल के चलते यात्रियों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अपने प्रदर्शन को और भी तीव्र बना देंगे।

हड़ताल से सरकार को जबरदस्त वित्तीय नुकसान हो रहा है। मंगलवार को 244 बसें बंद रहीं, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। इस स्थिति से आम यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और वे मजबूरीवश निजी बस सेवाओं का सहारा लेने के लिए मजबूर हुए हैं। कॉलेज जाने वाले छात्रों के लिए भी यह समस्या और बढ़ गई, क्योंकि बसें न चलने के कारण उन्हें समय पर कॉलेज पहुंचने में मुश्किल हो रही है।

कर्मचारियों के प्रतिनिधि सतनाम सिंह और रेशम सिंह ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर कई बार बैठकें कर चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। हड़ताल के दौरान कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि अब अगर सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती है, तो वे अपने संघर्ष को और अधिक बढ़ाने का फैसला करेंगे। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2024 को हुई एक बैठक में उनकी मुख्य मांग अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने की थी। इसके अलावा, उन्होंने ठेका प्रथा समाप्त करने, विभाग में नई बसों और किलोमीटर स्कीम की बसों को बंद करने, ट्रांसपोर्ट माफियाओं पर रोक लगाने और शर्तों के साथ निकाले गए कर्मचारियों को पुनः बहाल करने की भी मांग की है।

साथ ही, कर्मचारियों ने विभाग के सही तरीके से संचालन और अपने वेतन में वृद्धि की भी मांग की है। यह मुद्दा कर्मचारियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उनकी आर्थिक स्थिति और नौकरी की सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है। इस हड़ताल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है और वे अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं। नतीजतन, अगर सरकार जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाती है, तो हड़ताल का यह सिलसिला आगे बढ़ सकता है, जिससे यात्रा और परिवहन सेवाओं पर और अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

इस स्थिति में, यह आवश्यक है कि सरकार और संबंधित प्राधिकरण समस्या का शीघ्र समाधान करें, ताकि यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े और कर्मचारी अपनी जायज मांगों को समय से पूरा कर सकें। कर्मचारियों की समस्याओं को समझना और समाधान निकालना न केवल उनके लिए, बल्कि आम जनता के लिए भी बहुत आवश्यक है।