बारिश की नहीं है संभावना, फसलों पर नमी बनाए रखें किसान

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03HREG362 बारिश की नहीं है संभावना, फसलों पर नमी बनाए रखें किसान

कानपुर, 03 मार्च (हि.स.)। आगामी सप्ताह आसमान साफ रहने के कारण बारिश की कोई संभावना नहीं है। किसान खेत में खड़ी फसलों में हल्की सिंचाई कर उचित नमी बनाए रखें। इसके साथ ही उत्तर पश्चिम हवाएं चल रही हैं और अधिकतम व न्यूनतम तापमान क्रमश: 32.0 और 16.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम और न्यूनतम सापेक्षिक आर्द्रता क्रमश: 83 और 59 प्रतिशत रही। हवाओं की औसत गति 2.6 किमी प्रति घंटा रही। यह बातें शुक्रवार को चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस एन सुनील पाण्डेय ने कही।

उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ ने इस सर्दी के दौरान पश्चिमी हिमालय को पीछे छोड़ दिया है। हमने नवंबर और दिसंबर के दौरान कोई महत्वपूर्ण पश्चिमी विक्षोभ नहीं देखा है। जनवरी के महीने में, तीन तीव्र पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय तक पहुंचे और मध्यम से भारी हिमपात हुआ, जिससे पहाड़ियों उत्तरी मैदानों के साथ-साथ मध्य भारत में भी सर्दी बढ़ गई। फरवरी में भी सामान्य से कम पश्चिमी विक्षोभ देखा गया। हालांकि पिछला पश्चिमी विक्षोभ 27 से 28 फरवरी के बीच मध्यम तीव्रता का था। मध्यम तीव्रता वाला पश्चिमी विक्षोभ आमतौर पर मार्च तक जारी रहता है और अप्रैल में ऊपरी अक्षांशों पर बढ़ना शुरू कर देता है।

बताया कि पश्चिमी विक्षोभ एक बहुत ही महत्वपूर्ण मौसम घटना है, क्योंकि यह पहाड़ियों पर बर्फबारी के लिए जिम्मेदार है। हिमनदों के हिमावरण को बहाल करने के साथ-साथ वहां से निकलने वाली नदियों में जल प्रवाह के लिए हिमपात आवश्यक है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण उत्तर भारत को सर्दियों की बारिश देता है। जो मिट्टी की नमी के लिए जरूरी है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ चार मार्च तक पश्चिमी हिमालय तक पहुंच सकता है, लेकिन यह कमजोर होगा। हमें कम से कम अगले 15 दिनों के लिए पहाड़ियों के पास किसी महत्वपूर्ण पश्चिमी विक्षोभ की उम्मीद नहीं है। इसलिए मार्च के महीने में भी पश्चिमी हिमालय की पहाड़ियों पर शुष्क मौसम की स्थिति देखी जा सकती है।