27HREG422 कानपुर में लगभग साढ़े तीन सौ स्थानों पर स्थापित होंगी दुर्गा प्रतिमाएं
कानपुर, 27 सितम्बर (हि.स.)। जनपद में साढ़े तीन सौ स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित होगी, जिसको लेकर अग्नि शमन दल के स्थानीय कार्यालयों में समितियों ने सुरक्षा के मद्देनजर आर्जी दी है। अधिकतर प्रतिमाओं की स्थापना नवरात्र के छठवें दिन यानि एक अक्टूबर को होगी।
अर्मापुर दुर्गा पूर्जा आयोजन समिति के सचिव शांतनु ने बताया कि पंडालों को तैयार करने में समय लगता है। इसकी तैयारी के लिए बंगाल से 25 दिन पूर्व कुशल कारीगर आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस समिति की शुरूआत 80 वर्ष पूर्व हुई थी।
इसी तरह श्रीबारवारी दुर्गा पूजा अनुष्ठान समिति की ओर से 185वां पूजा उत्सव माल रोड स्थित एबी विद्यालय में होगा। इसे आयोजित करने में बंगाली समाज की प्रमुख भूमिका रहती है। यहां पर दो अक्टूर को मां दुर्गा की प्रतिमा का स्थापना होगी। इसी तरह मॉडल टाउन पांडनगर में बंगीय परिषद की ओर से स्थापित होने वाले 53वां दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। अशोक नगर की दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से नारी शक्ति पर आधारित सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त अर्मापुर में गुरुद्वारा के पास भी भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है। रामलला जी महाराज रामलीला समिति द्वारा दुर्गा प्रतिमा की स्थापना की जाती है और बाल मेले का आयोजन भी होता है। इसी तरह फूलबाग किला के पास, किदवई नगर, चकेरी में काली बाड़ी मंदिर के पास, श्याम नगर में हरिधाम के पास, श्रीश्री सार्वजनिक दुर्गा पूजा शास्त्री नगर, विजय नगर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
दो वर्ष बाद बंगाल के कुशल कारीगरों के चेहरों पर लौटी मुस्कान
देश भर में नवरात्र के अवसर पर प्रत्येक वर्ष दुर्गा प्रतिमाओं के बनाने और पंडाल सजाने में माहिर कारीगारों की रोजी-रोटी चलती है। खासकर मूर्तियों को बनाने एवं पंडाल तैयार करने में बंगाल से पूरे देश में मजदूर जाते हैं, जिससे इस कार्य से जुड़े कारीगरों की आमदनी बढ़ती है, जिससे उनके परिवार का खर्च साल भर चलता है। लेकिन कोरोना महामारी की वजह से बंगाल के इन कुशल कारीगरों की कमाई का पूरा श्रोत ठप हो चुका था, जिससे परिवार का खर्च चलाने में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।