अनूपपुर, 6 जुलाई (हि.स.)। जिले में पिछले 3 दिनों से लगातार प्री-मानसून की बौछार हो रही है। इससे जहां गर्मियों का असर पूरी तरह से कम होता महसूस हो रहा है, वहीं दिनभर छाए काले बादलों से रुक रुक कर बरस रही रिमझिम बारिश से किसानों के चेहरे पर खुशियां बिखर गई है। किसान खरीफ की तैयारी में पुन: जुट गए हैं।
किसानों का कहना है कि शुरूआती प्री मानसून के कमजोर पड़े बारिश के बाद फिर से बरस रही पानी से फसल को इसका फायदा मिलेगा। वहीं कृषि विभाग के जानकारों का कहना है कि जून के तीसरे सप्ताह में सक्रिय हुआ प्री-मानसून चंद दिनों की बारिश के बाद कमजोर पड़ गया था। आसमान में काले बादलों के छाने के बाद भी बारिश नहीं हो रही थी। किसान खरीफ की तैयारी में तो जुटे, लेकिन बारिश की पर्याप्त मात्रा नहीं होने के कारण धान की रोपणी प्रभावित हो गई। छिंटवा खेती करने वाले किसान भी बारिश के इंतजार में जा बैठे।
अब लगातार बारिश की संभावना, बोवनी में जुटे किसान
बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने के बाद सोमवार प्री मानसून के फिर से सक्रिय होने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। जुलाई के शुरुआत में ही काफी अच्छी बारिश होने से इसका फायदा किसानों को बोनी के कार्य में मिलेगा। किसान भी बारिश के रहते बोनी का कार्य पूर्ण कर लेना चाहते हैं, जिस वजह से वह अपने कार्य में जुट गए हैं। संभावना जताई जाती है कि इसके बाद मानसून आरंभ हो जाएगा, इसमें खेतों में लगी फसल को पर्याप्त पानी मिल पाएगा। विभाग की जानकारी के अनुसार इस वर्ष लगभग 105.95 हेक्टेयर में धान, 14.72 हजार हेक्टेयर में मक्का, 200 हेक्टेयर में ज्वार, 20.15 हजार हेक्टेयर पर कोदो-कुटकी सहित 141.02 हजार हेक्टेयर पर अनाज। जबकि 8.90 हजार हेक्टेयर में उड़द, 1.20 हजार हेक्टेयर पर मूंग, 15.34 हजार हेक्टेयर पर अरहर, 500 हेक्टेयर पर कुल्थी सहित 25.94 हजार हेक्टेयर पर दलहन के लक्ष्य रखे गए हैं। इसी तरह 2.99 हजार हेक्टेयर पर तिल, 7.86 हजार हेक्टेयर पर रामतिल, 130 हजार हेक्टेयर पर मूंगफली अैर 5.61हजार हेक्टेयर पर सोयाबीन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।