देहरादून, 16 सितंबर । राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृजन, शिल्प और निर्माण का देवता माना जाता है। विश्वकर्मा जयंती शिल्पकारों, कारीगरों, तकनीशियनों और इंजीनियरों के योगदान को सम्मान देने का अवसर भी है। उनके श्रम, कौशल और तकनीकी दक्षता से देश और समाज के विकास को गति मिलती है।
वहीं, मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। विश्वकर्मा जयंती की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा नवनिर्माण एवं सृजन के देवता हैं। विश्वकर्मा जयंती का यह पर्व प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले उद्यमियों, शिल्पियों व श्रमवीरों को सम्मानित करने का भी अवसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के आधुनिक एवं तकनीकी युग में कुशल मानव संसाधन किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। राज्य सरकार कारीगरों, श्रमिकों और युवाओं को कौशल विकास, रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अवसर पर हमें निर्माण के क्षेत्र में नई तकनीक का उपयोग कर देश एवं प्रदेश के विकास में भागीदार बन कर राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प भी लेना होगा।
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