(अपडेट) ग्लास वॉल सिस्टम्स की स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री, मुनाफे में आईपीओ निवेशक

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नई दिल्ली, 16 सितंबर । बड़ी इमारतों और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए शीशे की बाहरी दिवारों को डिजाइन करने और फिनिस्ट्रेशन सर्विस देने वाली कंपनी ग्लास वॉल सिस्टम्स (इंडिया) लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 182 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 4.45 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 190.10 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 6.59 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 194 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 229 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण इसके भाव में गिरावट भी दर्ज की गई। बिकवाली के दबाव में ये शेयर 185.20 रुपये के स्तर तक गिर भी गया। पूरे दिन के कारोबार के बाद ये शेयर 215.35 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 33.35 रुपये यानी 18.32 प्रतिशत का फायदा हो गया।

इस कंपनी का 427.89 करोड़ रुपये का आईपीओ 8 से 10 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 81.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 167.93 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 79.71 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 33.18 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत दो रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,35,10,425 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 60 करोड़ रुपये के 32,96,703 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 368 करोड़ रुपये के 2,02,13,722 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी ग्लास प्रोसेसिंग यूनिट लगाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

ग्लास वॉल सिस्टम्स (इंडिया) लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 20.25 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 57.51 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 83.79 करोड़ रुपये हो गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 310.26 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 288.14 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 471.43 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार गिरावट आई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 24.85 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 8.46 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ और कम होकर 6.68 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 101.47 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 158.88 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में 242.96 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 122.60 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 175.75 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 261.58 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 54.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 73.01 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 105.20 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।