नारी शक्ति वंदन विधेयक जनभावनाओं के बावजूद पारित न होना दुर्भाग्यपूर्ण : विजेंद्र गुप्ता

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नई दिल्ली, 28 अप्रैल । दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आज दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम नारी शक्ति वंदन अधिनियम विषय पर चर्चा के लिए एकत्र हुए हैं, जो केवल एक विधायी प्रक्रिया का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश की आधी आबादी के सम्मान, अधिकार, और प्रतिनिधित्व से जुड़ा हुआ प्रश्न है। उन्होंने कहा कि लोकसभा के विशेष सत्र में 131वां संविधान संशोधन विधेयक 2026, महिला आरक्षण से संबंधित एक महत्वपूर्ण पहल पर व्यापक चर्चा हुई थी। देश भर में अपेक्षाएं जगी और एक सकारात्मक परिणाम की आशा की जा रही थी। लेकिन यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतनी विस्तृत चर्चा और जनभावनाओं के बावजूद यह विधेयक पारित नहीं हो सका।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह मुद्दा खत्म नहीं हुआ है, यह केवल एक पड़ाव है जिसमें देरी हुई है। इतिहास गवाह है कि सामाजिक न्याय से जुड़े बड़े निर्णयों में कभी-कभी समय लगता है, लेकिन जन समर्थन और सतत प्रयास अंततः परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा में जब बिल प्रस्तुत हुआ, उसके बाद जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को संबोधित किया तो उन्होंने कहा कि हमारे लिए देश ही सर्वोपरी है, लेकिन जब कुछ लोगों के लिए दल हित सब कुछ हो जाता है, दल हित देश हित से बड़ा हो जाता है, तो नारी शक्ति को, देश हित को, इसका खामियाजा उठाना पड़ता है। इस बार भी यही हुआ है।