वीर बाल दिवस: राष्ट्र चेतना की प्रयोगशाला के रूप में उभरे परिषदीय व केजीबीवी विद्यालय

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लखनऊ, 26 दिसंबर । उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के लगभग 1.32 लाख परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में शुक्रवार को वीर बाल दिवस का आयोजन हुआ। इसमें 1.48 करोड़ से अधिक बालक-बालिकाओं ने भाग लिया।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि वीर बाल दिवस का उद्देश्य विद्यार्थियों में साहस, शौर्य, कर्तव्यबोध और राष्ट्रप्रेम के मूल्यों को सुदृढ़ करना है। प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय तक यह संदेश पहुँचाया गया कि उम्र नहीं, बल्कि संकल्प और शौर्य ही इतिहास रचते हैं। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि वीर बाल दिवस के माध्यम से विद्यालयों में मूल्य-आधारित और नेतृत्वपरक शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है। इस आयोजन ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों में प्रार्थना सभा, वीर बालकों से जुड़ी प्रेरक कथाओं का वाचन, संवाद सत्र तथा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। नई दिल्ली में आयोजित मुख्य कार्यक्रम का डिजिटल प्रसारण भी विद्यालयों में दिखाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि आयोजन के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया एवं अन्य संचार माध्यमों का उपयोग किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों एवं खंड शिक्षा अधिकारियों ने कार्यक्रम की निगरानी करते हुए जिलाें से प्राप्त फोटो, वीडियो एवं संक्षिप्त रिपोर्ट विभागीय स्तर पर संकलित की गई।