आयुर्वेद विवि में संचालित शोध परियोजना का निरीक्षण

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जोधपुर, 05 मई । डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय में मंगलवार को सीसीआरएएस नई दिल्ली द्वारा संचालित शोध परियोजना का निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण स्मार्ट 2.0 योजना के अंतर्गत चल रही बहु-केंद्रीय अनुसंधान परियोजना लैक्टेशन इंसफिशिएंसी के प्रबंधन में आयुष एस.एस. ग्रेन्यूल्स की प्रभावशीलता एवं सुरक्षा के संदर्भ में आयोजित किया गया।

निरीक्षण दल में सीसीआरएएस, नई दिल्ली से वरिष्ठ सलाहकार डॉ. बीसीएस राव तथा एमएसआरएआरआई, जयपुर के शोध अधिकारी (आयुर्वेद) डॉ. किशोर गवली शामिल रहे। टीम ने परियोजना की प्रगति, अनुसंधान की कार्यप्रणाली, डेटा संग्रहण तथा क्लिनिकल ट्रायल से संबंधित सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं का विस्तृत मूल्यांकन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ल ने भी परियोजना की समीक्षा करते हुए अनुसंधान कार्यों की गुणवत्ता, वैज्ञानिक सटीकता तथा पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश प्रदान किए।

परियोजना की प्रमुख अन्वेषक डॉ. रश्मि शर्मा ने निरीक्षण दल के समक्ष परियोजना की वर्तमान स्थिति, अध्ययन की प्रगति तथा डेटा विश्लेषण से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं का प्रस्तुतीकरण किया। इसके अतिरिक्त सह-प्रमुख अन्वेषक डॉ. सीमा शर्मा एवं वरिष्ठ अनुसंधान अध्येता डॉ. कंचन चोयल ने परियोजना के विभिन्न संचालनात्मक एवं तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। प्राचार्य प्रो. चंदन सिंह ने बताया कि यह परियोजना आयुर्वेदिक अनुसंधान को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रभावी समाधान विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।