फतेहाबाद : सीवरेज व पेयजल समस्या से खफा पार्षद ने दी अनशन की चेतावनी

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फतेहाबाद : सीवरेज व पेयजल समस्या से खफा पार्षद ने दी अनशन की चेतावनी

फतेहाबाद, 24 मई (हि.स.)। शहर के वार्ड नंबर नाै स्थित अशोक नगर में पेयजल आपूर्ति व ठप्प सीवरेज व्यवस्था से परेशान नगर पार्षद ने अब सोमवार से आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है। शनिवार को वार्ड नंबर 9 के पार्षद सुभाष नायक ने चेतावनी पत्र भी जारी कर कहा है कि वह पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा दी जा रही मानसिक परेशानी के चलते सोमवार 25 मई को विभाग के कार्यालय में आमरण अनशन पर बैठेंगे। पार्षद सुभाष ने बताया कि पिछले एक साल से उनके वार्ड की यह सडक़ बदहाल है और जुलाई 2024 से सीवरेज लाइन पूरी तरह बंद है। इसके कारण सडक़ पर गंदा पानी जमा हो रहा है और बदबू फैल रही है। लोगों का अपने घरों में बैठना तक दूभर हो गया है। पार्षद ने कहा कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए जनस्वास्थ्य विभाग में 20 से अधिक ऑनलाइन शिकायतें दर्ज की हैं और कई बार विभाग के दफ्तर जाकर अधिकारियों से अपील भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ब्रह्मकुमारी आश्रम रोड, जो माजरा रोड और अशोक नगर मोहल्ले से होकर नेशनल हाईवे तक जाती है, पर जमा गंदा पानी न केवल बदबू का कारण बन रहा है, बल्कि वाहन चालकों के लिए भी खतरा बना हुआ है। कई लोग सडक़ पर फिसलकर चोटिल हो चुके हैं। सोशल मीडिया पर डाले गए वार्ड पार्षद सुभाष नायक के चेतावनी पत्र में लिखा गया है कि अशोक नगर ब्रह्मकुमारी आश्रम रोड की बदहाल हालत, सीवर व गंदगी से परेशानी, पानी आपूर्ति न होने से परेशान वार्ड नंबर 9 के पार्षद सुभाष नायक पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा दी गई मानसिक परेशानी के चलते 26 मई सोमवार को सुबह 11 बजे जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में आमरण अनशन पर बैठेंगे। इसमें किसी भी तरह की जान-माल की हानि का जिम्मेवार जनस्वास्थ्य विभाग फतेहाबाद होगा। बता दें कि अशोक नगर में पेयजल संबंधी दिक्कत के चलते गुरुवार रात को पार्षद सुभाष नायक वार्डवासियों के साथ योग नगर के बूस्टिंग स्टेशन पर पहुंच गए थे। वहां उन्होंने कर्मचारियों के सामने पानी सप्लाई की कमी से संबंधित समस्या रखी थी।

इस बारे में जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ सतपाल रोज का कहना है कि अशोक नगर एरिया में सीवर की सफाई सुपर सकर मशीन से करवानी है। उसके लिए दो बार टेंडर लगा दिए, लेकिन कोई एजेंसी नहीं आई। गर्मी में पानी की थोड़ी कमी रहती है। कुछ लाइट कट लगने के कारण सप्लाई छोडऩे में दिक्कत आती है। बाकी विभाग समस्याओं का समाधान करवाने के प्रति पूरा गंभीर है।