बलरामपुर, 22 अक्टूबर । बलरामपुर जिले के रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का मामला सामने आया है। प्रसव पीड़ा से परेशान गर्भवती महिला को मंगलवार सुबह महतारी एक्सप्रेस से अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां ताला लगा मिला। ऐसे में महिला को वाहन के भीतर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। करीब एक घंटे बाद स्वास्थ्य कर्मचारी पहुंचे और अस्पताल खोलकर जच्चा-बच्चा को प्राथमिक उपचार दिया गया।
जानकारी के अनुसार, गर्भवती महिला को प्रसव के लिए महतारी एक्सप्रेस से रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया था। अस्पताल बंद होने पर परिजनों ने परिसर में बने सरकारी आवासों में डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की तलाश की, लेकिन वहां भी कोई नहीं मिला। महिला की हालत ऐसी नहीं थी कि उसे किसी दूसरे अस्पताल ले जाया जा सके। ऐसे में परिजनों को महतारी एक्सप्रेस में ही प्रसव कराना पड़ा।
बच्चे के जन्म के बाद भी अस्पताल का ताला नहीं खुला। घटना की सूचना मिलने पर पंचायत प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और उन्होंने फोन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को जानकारी दी। करीब एक घंटे बाद अंबिकापुर से एक महिला स्वास्थ्य कर्मचारी रेवतपुर पहुंची। इसके बाद अस्पताल खोला गया और महिला व नवजात को अंदर ले जाकर प्राथमिक उपचार दिया गया।
घटना के दौरान वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में महतारी एक्सप्रेस के भीतर प्रसव से जुड़ी स्थिति और बंद अस्पताल दिखाई दे रहा है। परिसर में बने स्वास्थ्य कर्मचारियों के सरकारी आवास भी बंद नजर आ रहे हैं।
मामला सामने आने के बाद राजपुर के खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) ने रेवतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
गुरुवार को बलरामपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) विजय सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में राजपुर बीएमओ से जानकारी मांगी गई थी। प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
