नई दिल्ली, 22 अक्टूबर । डिजिटल कस्टमर एक्सपीरियंस और बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट सॉल्यूशन प्रदान करने और विभिन्न उद्योगों को तकनीकी सेवाएं देने वाली कंपनी फ्यूजन सीएक्स लिमिटेड के शेयरों ने गुरुवार काे स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 289 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 1.04 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 292 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 5.54 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 305 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 312.95 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण ये 292 रुपये के स्तर तक नीचे गिर गया। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच सुबह 11:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 299.10 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 10.10 रुपये यानी 3.49 प्रतिशत का फायदा हो गया है।
इस कंपनी का 702 करोड़ रुपये का आईपीओ 14 से 16 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 4.68 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 4.21 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 4.73 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 5.99 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत एक रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,42,90,656 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 500 करोड़ रुपये के 1,73,01,038 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 202 करोड़ रुपये के 69,89,618 शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
फ्यूजन सीएक्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए दस्तावेजों में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 36.26 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 74.31 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछलकर 169.84 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 55.70 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1,021.53 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1,352.03 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल राजस्व प्राप्ति में और इजाफा हुआ, जिससे यह बढ़कर 1,851.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 503.85 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 210.61 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 306.73 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घटकर 266.86 करोड़ रुपये रह गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 238.13 करोड़ रुपये का कर्ज था।
कंपनी की कुल संपत्ति में भी इस दौरान लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में फ्यूजन सीएक्स लिमिटेड की कुल संपत्ति 768.02 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1,143.25 करोड़ रुपये हो गई। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़कर 1,385.15 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 1,367.85 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 258.54 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 345.76 करोड़ रुपये हो गया। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़कर 547.97 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़कर 607.01 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार इजाफा हुआ। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 270.15 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 354.58 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़कर 552.46 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी का नेटवर्थ 610.84 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
इसी तरह कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 104.62 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 197.78 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछलकर 329.87 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 95.09 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
