नई दिल्ली, 12 अक्टूबर । केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के कारोबारियों से कहा कि वे भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार एग्रीमेंट (सीईटीए) से बने मौकों का इस्तेमाल व्यापार, निवेश, पार्टनरशिप और रोजगार बढ़ाने में करें।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-यूके संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति (जेटको) की बैठक के दौरान अपने संबोधन में यह बात कही। उन्होंने साल 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का भी आह्वान किया।
भारत-यूके संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति (जेटको) की 16वें सेशन के तहत जेटको बिजनेस प्लेनरी को संबोधित करते हुए गोयल ने बताया कि दोनों देशों को 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना करने और ‘भारत-यूके के विजन 2035’ को ज्यादा आर्थिक महत्वाकांक्षा और सहयोग के लिए एक रूपरेखा को बनाने का लक्ष्य रखना चाहिए।
गोयल ने अपने संबोधन में भारत और यूके की एक-दूसरे की पूरक खूबियों पर जोर दिया और व्यापार में विविधता लाने तथा निर्यात के नए मौकों को तलाशने का भी आह्वान किया। गोयल ने भारत-यूके सहयोग के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की, जिनमें स्वच्छ ऊर्जा और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं।
वहीं, यूके के व्यापार, इनोवेशन, विज्ञान और व्यापार मामलों के सेक्रेटरी ऑफ़ स्टेट, जोनाथन रेनॉल्ड्स ने भारत-यूके व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सीईटीए को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने भारत-यूके आर्थिक संबंधों के अगले चरण के तौर पर टेक्नोलॉजी सहयोग को रेखांकित किया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने जारी एक बयान में बताया कि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार, नवाचार, विज्ञान एवं व्यापार राज्य सचिव जोनाथन रेनॉल्ड्स के साथ में 16वीं भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति (जेटको) की बैठक की सह-अध्यक्षता की। इस मौके पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
