पटवारियों की हड़ताल के बीच जिला प्रशासन ने पूरा कराया धान के रकबे का सत्यापन

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रायगढ़, 29 अक्टूबर । पटवारियों की हड़ताल के बीच रायगढ़ जिला प्रशासन ने धान के रकबे के भौतिक सत्यापन का काम लगभग पूरा कर लिया है। जिस काम में पटवारियों की भूमिका को अहम माना जाता है, उसे राजस्व विभाग ने राजस्व निरीक्षकों, सर्वेयरों, कोटवारों और किसानों के सहयोग से आगे बढ़ाते हुए उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। जिले में निर्धारित 1 लाख 52 हजार 49 धान खसरों में से 1 लाख 48 हजार 773 से अधिक का पॉलीगॉन जनरेशन पूरा हो चुका है। इस तरह 98 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। शेष खसरों का पीवी भी पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

जिले में पटवारियों की हड़ताल के बीच किसानों के धान विक्रय की प्रक्रिया प्रभावित न हो और वास्तविक रकबे का सत्यापन समय पर हो सके, इसके लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मैदानी अमले को सक्रिय किया। तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों, राजस्व निरीक्षकों और सर्वेयरों ने गांवों में पहुंचकर किसानों तथा कोटवारों के सहयोग से खेतों की पहचान की और भौतिक सत्यापन का कार्य किया। समन्वित प्रयास और तकनीक के उपयोग से इस महत्वपूर्ण कार्य को पटवारियों की अनुपस्थिति में भी पूरा किया गया।

धान के रकबे का सत्यापन केवल ऑनलाइन रिकॉर्ड के आधार पर नहीं किया गया, बल्कि खेतों तक पहुंचकर वास्तविक स्थिति की पुष्टि की गई। थर्ड पार्टी सर्वेयरों को संबंधित खसरों की जानकारी देकर मौके पर भेजा गया। गांव के कोटवारों ने खेत और उसके मालिक की पहचान कराने में मदद की। इसके बाद किसानों से संपर्क कर उन्हें अपने खेत तक बुलाया गया। किसानों ने स्वयं अपने खेत की सीमा बताई, जिसके आधार पर सर्वेयरों ने मौके पर पॉलीगॉन तैयार किया और धान से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज की। इस प्रक्रिया में किसान की प्रत्यक्ष भागीदारी से खेत की पहचान की पुष्टि हुई, वहीं स्थानीय कोटवार के सहयोग से भी जानकारी का मिलान किया गया। इससे सर्वेयरों को सही खेत तक पहुंचने और वास्तविक स्थिति के अनुरूप पॉलीगॉन तैयार करने में मदद मिली।