विश्व तीरंदाजी कप फाइनल: धीरज बोम्मदेवरा ने रचा इतिहास, पुरुष रिकर्व में जीता स्वर्ण

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साल्टिलो (मेक्सिको), 14 सितंबर । भारत के धीरज बोम्मदेवरा ने एशियाई खेलों की तैयारियों को मजबूती देते हुए रविवार को विश्व तीरंदाजी कप फाइनल में पुरुष रिकर्व वर्ग का ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत लिया। धीरज ने खिताबी मुकाबले में जापान के विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता नाकानिशी जुन्या को शूट-ऑफ में हराया।

विजयवाड़ा के 25 वर्षीय धीरज विश्व तीरंदाजी कप फाइनल में रिकर्व स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बन गए हैं। निर्धारित पांच सेट के बाद मुकाबला 5-5 से बराबर रहा, जिसके बाद शूट-ऑफ हुआ। इसमें धीरज ने 10 अंक का निशाना साधा, जबकि नाकानिशी 9 अंक ही हासिल कर सके।

पहले सेट में दोनों तीरंदाजों ने 28-28 अंक हासिल किए और एक-एक अंक बांटा। नाकानिशी ने दूसरा सेट 29-28 से जीतकर 3-1 की बढ़त बनाई, लेकिन धीरज ने तीसरा सेट 29-28 से अपने नाम कर स्कोर बराबर कर दिया।

नाकानिशी ने चौथे सेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो इनर-10 समेत कुल 29 अंक हासिल किए, जबकि धीरज 28 अंक ही बना सके। इससे जापानी तीरंदाज ने दबाव बढ़ा दिया।

निर्णायक पांचवें सेट में दोनों ने पहली तीर से 9-9 अंक बनाए। धीरज ने दूसरी तीर पर 10 अंक हासिल कर बढ़त बनाई, जबकि नाकानिशी ने फिर 9 अंक जुटाए। धीरज की तीसरी तीर 9 अंक की रही। ऐसे में नाकानिशी को स्वर्ण जीतने के लिए 10 अंक की जरूरत थी, लेकिन वह लगातार तीसरी बार 9 अंक ही हासिल कर सके और मुकाबला शूट-ऑफ तक पहुंच गया।

इससे पहले सेमीफाइनल में धीरज ने फ्रांस के ओलंपिक पदक विजेता जीन-चार्ल्स वालाडोंट को 7-1 (28-25, 28-28, 29-24, 29-28) से हराया था। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने तुर्किये के ओलंपिक पदक विजेता बेरकिम तुमेर को भी 7-1 (28-25, 29-26, 28-28, 29-27) से शिकस्त दी थी।

धीरज का यह ऐतिहासिक स्वर्ण पदक एशियाई खेलों से पहले भारतीय तीरंदाजी के लिए भी बड़ी उपलब्धि है और इससे आगामी महाद्वीपीय प्रतियोगिता के लिए उनकी तैयारियों को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।