गढवा, 22 अगस्त । शहीद नीलांबर-पीतांबर उत्तर कोयल परियोजना (मंडल डैम) से विस्थापित होने वाले परिवारों के पुनर्वास को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। शनिवार को समाहरणालय के सभाकक्ष में डीसी-सह-जिला दंडाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में पुनर्वास कार्यों से संबंधित प्रस्ताव और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) की समीक्षा बैठक हुई।
इसमें प्रस्तावित पुनर्वास स्थलों विश्रामपुर और बलीगढ़ में मूलभूत सुविधाएं विकसित करने को लेकर विभागवार योजनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में रंका अंचल के विश्रामपुर तथा रमकंडा अंचल के बलीगढ़ में पुनर्वासित होने वाले परिवारों के लिये सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना पर बिंदुवार समीक्षा हुई।
लघु सिंचाई प्रमंडल ने सिंचाई व्यवस्था, चेक डैम और तालाब निर्माण, जबकि विद्युत आपूर्ति प्रमंडल गढ़वा-1 ने विद्युत संरचना से संबंधित प्रस्ताव रखा। भवन निर्माण विभाग की ओर से स्वास्थ्य उपकेंद्र एवं शहीद नीलांबर-पीतांबर पार्क, ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से सड़क निर्माण एवं पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल की ओर से पेयजल आपूर्ति की योजना प्रस्तुत की गई।
शिक्षा विभाग के उच्च एवं प्राथमिक विद्यालय, पंचायती राज विभाग के सभा भवन, बाजार शेड और हाट-बाजार, कल्याण विभाग के धूमकुड़िया भवन, कब्रिस्तान, सरना, मसना एवं हड़गड़ी स्थलों की घेराबंदी एवं पूजा स्थल और श्मशान घाट निर्माण के प्रस्ताव की भी समीक्षा की गई। समाज कल्याण विभाग के आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण पर भी चर्चा हुई।
डीसी ने अधिकारियों को डीपीआर का सूक्ष्मता से परीक्षण कर आवश्यक संशोधन के बाद शीघ्र भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में पीटीआर नॉर्थ प्रजेश जेना, वन प्रमंडल पदाधिकारी दक्षिणी इबी अब्राहम, एसी विकास कुमार राय, डीएसपी हेडक्वार्टर यशोधरा, एसडीओ रंका मोहम्मद परवेज, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, संबंधित कार्यपालक अभियंता तथा रंका व रमकंडा के प्रखंड पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।