रामगढ़, 11 जुलाई । रांची-पटना मुख्यमार्ग अंतर्गत फोरलेन के चुटूपालू घाटी में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी है। एक के बाद एक लगातार हो रही दुर्घटना के बावजूद एनएचएआई के अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। एक हफ्ते पूर्व डीसी ऋतुराज और एसपी मुकेश कुमार लुनायत सहित अन्य अधिकारियों ने चुट्टूपालू घाटी का निरीक्षण कर एनएचएआई के अधिकारियों सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में पहल करने के लिए कई निर्देश दिए थे। लेकिन अभी तक कोई पहल नहीं हो सकी।
स्थानीय लाेगाें के अनुसार चुट्टूपालू घाटी में एक एलपीजी टैंकर (एनएल 01 एल 1412) पहले से ही दुर्घटनाग्रस्त हो कर सड़क पर खड़ी थी। इस दौरान रांची से हजारीबाग जा रही वेन्यू कार संख्या (जेएच 02 बीएन 4677) और मारुति स्विफ्ट कार संख्या (जेएच 02 बीजेड 6481) काे एक तेज रफ्तार से आ रहे ट्रेलर ने दोनों कारों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में कार पर हजारीबाग निवासी सीसीएल कर्मी योगेंद्र प्रसाद और उनका साला राज भूषण बाल बाल बच गए। स्विफ्ट कार पर सवार चतरा जिले के मयूरहंड प्रखंड निवासी रंजीत कुमार भी बाल-बाल बच गए। वहीं रंजीत का भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे पुलिस की मदद से सदर अस्पताल भेज दिया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया।
बताया जाता है कि घाटी में एक दिन पूर्व एलपीजी टैंकर सड़क दुर्घटना के कारण सड़क में पड़ी थी। सड़क पर पहले से पड़ी एलपीजी टैंकर को एनएचएआई की ओर से हटा लिया जाता तो शायद यह दुर्घटना नहीं घटती। एनएचएआई के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से लोगों को भारी
नुकसान पहुंचा।