पलामू, 16 जुलाई । पलामू जिले के मेदिनीनगर सदर अंचल के चियांकी गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) निर्माण कार्य के दौरान कथित मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी के मामले में एक महिला ने विशेष न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
परिवादिनी चिंता कुमारी ने गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह विशेष न्यायालय (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) में परिवाद दायर कर कई अधिकारियों और अन्य लोगों के विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है।
दायर परिवाद में सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडे, सदर अंचल अधिकारी जागा महतो, सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी, राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) के पदाधिकारी सुबोध शर्मा, सूरज कुमार, सतीश मेहता, राकेश सिंह, आदित्य प्रकाश, एसआई सुजीत पांडे सहित अन्य को आरोपित बनाया गया है।
परिवादी पक्ष के अधिवक्ता रुचिर कुमार तिवारी ने बताया कि चिंता कुमारी का आरोप है कि नौ जुलाई को एनएच निर्माण के दौरान हुई घटना में नामजद लोगों ने उनके और उनके परिजनों के साथ मारपीट की। साथ ही जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर धनगर जनजाति का अपमान किया।
परिवाद में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के बाद पीड़िता ने न्याय की मांग को लेकर सदर थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भी रुख किया, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने पर उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
विशेष न्यायालय ने परिवाद पर संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की सुनवाई और आवश्यक कार्रवाई के लिए अगली तिथि सात अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।