गुरुग्राम नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता, ड्राफ्टसमैन की सेवाएं समाप्त - सरस जनवाद

गुरुग्राम नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता, ड्राफ्टसमैन की सेवाएं समाप्त

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गुरुग्राम, 16 जुलाई । नगर निगम गुरुग्राम के टेंडर दस्तावेजों की स्कू्रटनी एवं प्रोसेसिंग में गंभीर अनियमितताओं में ड्राफ्टसमैन दोषी पाया गया। इस मामले में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से लगे ड्राफ्ट्समैन सोमबीर को गुरुवार को टर्मिनेट कर दिया गया। यह निर्णय विस्तृत विभागीय जांच, कारण बताओ नोटिस, लिखित जवाब तथा व्यक्तिगत सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया गया।

जानकारी के अनुसार टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से संबंधित मामला संज्ञान में आया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य अभियंता को विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए। जांच के दौरान संबंधित टेंडर दस्तावेजों तथा सभी पक्षों के जवाबों की जांच की गई। संबंधित कर्मचारी एवं अन्य पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर भी दिया गया। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि टेंडर दस्तावेजों की स्क्रूटनी के दौरान गंभीर अनियमितताएं हुईं। साथ ही यह भी सामने आया कि संबंधित कर्मचारी ने हितों के टकराव की स्थिति होने के बावजूद स्वयं को प्रक्रिया से अलग नहीं किया। इस संबंध में आवश्यक जानकारी भी सांझा नहीं की।

जांच में इसे टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला माना गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उसके लिखित उत्तर की जांच की गई। उसे व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी प्रदान किया गया। सुनवाई के दौरान उपलब्ध तथ्यों एवं जांच रिपोर्ट का समग्र परीक्षण करने के बाद संबंधित प्राधिकारी ने पाया कि कर्मचारी का उत्तर संतोषजनक नहीं है। उसके विरुद्ध लगाए गए आरोपों का पर्याप्त समाधान प्रस्तुत नहीं किया गया।

साक्ष्यों, जांच रिपोर्ट एवं विभागीय प्रक्रिया के आधार पर नगर निगम गुरुग्राम ने संबंधित ड्राफ्ट्समैन की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है। साथ ही संबंधित आदेश की प्रति आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों एवं हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भी प्रेषित की गई है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि नगर निगम गुरुग्राम में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। टेंडर प्रक्रिया सहित किसी भी प्रशासनिक कार्य में अनियमितता, हितों के टकराव अथवा कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।