जयपुर, 30 जून । राजस्थान हाईकोर्ट ने जेल प्रहरी सीधी भर्ती-2024 में आयु सीमा में छूट नहीं देने पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के सचिव और कारागार विभाग के महानिदेशक से जवाब देने के लिए कहा है। इसके साथ ही अदालत ने एसटी वर्ग में एक पद सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं। जस्टिस गणेश राम मीणा ने यह अंतरिम आदेश मीठालाल मीणा की याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता सुनील कुमार सिंगोदिया ने बताया कि चयन बोर्ड ने जेल प्रहरी पद के लिए 11 दिसंबर 2024 को विज्ञापन जारी कर ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। विज्ञापन के अनुसार एक जनवरी 2026 को आवेदक की अधिकतम आयु 26 साल होनी चाहिए। वहीं विशेष श्रेणियों में अधिकतम आयु में 5 साल की छूट का प्रावधान किया। भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट किया गया था कि आयु सीमा के प्रावधान राज्य सरकार के परिपत्र के अनुसार लागू होंगे। भर्ती में याचिकाकर्ता ने भर्ती में हिस्सा लिया और वह चयन प्रक्रिया के अनुसार लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा एवं शारीरिक मापदंड परीक्षा में सफल घोषित किया गया, लेकिन उसे ओवरएज मानकर चयनित नहीं किया। इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि साल 2024 से छह साल पहले साल 2018 में जेल प्रहरी की भर्ती हुई थी। कार्मिक विभाग के 23 सितंबर 2008 के परिपत्र के अनुसार यदि अभ्यर्थी पिछली भर्ती के समय आयु सीमा में था और 3 साल तक कोई भर्ती नहीं हुई थी तो उसे अधिकतम 3 वर्ष की आयु सीमा में छूट दी जाएगी, लेकिन चयन बोर्ड ने इस प्रावधान को अनदेखा कर उसे ओवरएज मान भर्ती से बाहर किया है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है।