इतिहास के पन्नों में 27 अप्रैल : 1960 में नई दिल्ली में नेशनल डिफेंस कॉलेज की शुरुआत

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27 अप्रैल का दिन भारत के रक्षा इतिहास में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह दिन उस विचारधारा से जुड़ा है जिसने देश की सुरक्षा नीति और रणनीतिक सोच को नई दिशा दी। इसी सोच का परिणाम है राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय यानी नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी), जो भारत का सर्वोच्च रणनीतिक प्रशिक्षण संस्थान माना जाता है।

भारत सरकार ने 1959 में यूके के इम्पीरियल डिफेंस कॉलेज की तर्ज पर इस संस्थान की स्थापना का निर्णय लिया था। बाद में 27 अप्रैल को इसके औपचारिक रूप से विकसित और स्थापित होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दिन माना जाता है। इस कॉलेज का उद्घाटन भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया था, जिन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के बौद्धिक विकास का केंद्र बताया।

नेशनल डिफेंस कॉलेज दिल्ली में स्थित है और इसका उद्देश्य देश के शीर्ष सैन्य एवं प्रशासनिक अधिकारियों को रणनीतिक सोच, रक्षा नीति, अंतरराष्ट्रीय संबंध और राष्ट्रीय हितों की गहन समझ प्रदान करना है। यहाँ भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारी प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।

हर वर्ष लगभग 25 वरिष्ठ अधिकारी इस कोर्स के लिए चयनित होते हैं। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, नेपाल, यूएई और अन्य देशों के अधिकारी भी इसमें भाग लेते हैं, जिससे यह एक अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक मंच बन जाता है।

इस संस्थान की फैकल्टी में तीनों सेनाओं के साथ-साथ सिविल सेवाओं के अनुभवी अधिकारी शामिल होते हैं। पहले कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल के. वी. कृष्णा राव रहे, जिन्होंने इसकी नींव को मजबूत किया। एनडीसी आज भारत की सुरक्षा और नीति निर्माण में एक थिंक टैंक की भूमिका निभाता है और देश के रणनीतिक नेतृत्व को आकार देने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

महत्वपूर्ण घटनाचक्र

1942 – अमेरिका के ओकलाहोमा प्रांत में आए तूफान के कारण 100 लोग मारे गए।

1960 – नई दिल्ली में नेशनल डिफेंस कालेज की शुरुआत।

1972 – अंतरिक्ष यान ‘अपोलो 16’ पृथ्वी पर वापस लौटा।

1989 – बांग्लादेश में तूफान से 500 लोगों की मौत।

1999 – यूनेस्को द्वारा एक कोरियाई लोक गायक के नाम पर एक नये पुरस्कार अरिरंग की घोषणा, दक्षिण कोरिया एवं थाइलैंड के बीच प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर।

2005 – टुलुज (फ़्रांस) में एयरबस निर्मित दुनिया के सबसे बड़े विमान ए-380 ने पहली परीक्षण उड़ान भरी।

2008 – राजस्थान सरकार ने प्रत्येक ज़िला मुख्यालय पर विकलांगों के लिए मोबाइल् कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया।

2008 – पाकिस्तान ने अपने विदेश सचिव रियाज मुहम्मद खान को बर्खास्त कर उनके स्थान पर चीन में पाकिस्तान के राजदूत सलमान बशीर को विदेश सचिव नियुक्त किया।

2008 – मोरक्को की एक गद्दा फैक्ट्री में आग लगने से 55 लोगों की मृत्यु।

2010 – यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने भारत के नागरिकों की पहचान का एक बड़ा सबूत बनने जा रहे यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर को अब नया ब्रांड नाम ‘आधार’ तथा नया लोगो पेश किया।

2011 – अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने जन्म को लेकर हुए विवाद के बाद सार्वजनिक तौर पर जन्म प्रमाण पत्र की एक प्रति जारी की।

2017 – लम्बे समय से कैंसर से पीड़ित हिन्दी फ़िल्म अभिनेता विनोद खन्ना का 70 वर्ष की आयु में निधन।

जन्म

1820 – हरबर्ट स्पेन्सर, प्रसिद्ध शिक्षाविद, दार्शनिक तथा समाजशास्त्री थे।

1912 – जोहरा सहगल – प्रसिद्ध अभिनेत्री एवं रंगमंच कलाकार थीं।

1920 – मनीभाई देसाई, प्रसिद्ध स्वतन्त्रता सेनानी

1931 – स्वामी विश्वेशतीर्थ – हिन्दू संत और पेजावर मठ के प्रमुख थे।

1947 – हरीश रावत, उत्तराखंड के सातवें मुख्यमंत्री हैं।

1949 – पी. सतशिवम – भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश।

निधन

1930 – टी. के. माधवन – केरल के प्रसिद्ध समाज सुधारक थे।

1998 – गुयेन वैन लिंह – वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव थे।

2009 – फिरोज खान – प्रसिद्ध अभिनेता एवं फिल्म निर्माता-निर्देशक

2010 – हेमंत दास – उड़िया फिल्म अभिनेता, ‘सेसा स्रबाना’, ‘जाजबारा’, ‘छिलका’, ‘दांडा बलुंगा’ और ‘हकीम बाबू’।

2017 – विनोद खन्ना – प्रसिद्ध अभिनेता एवं राजनीतिज्ञ।

2021 – मनोज दास – प्रसिद्ध उड़िया साहित्यकार थे।