काठमांडू विश्व के प्रदूषित शहरों में दूसरे स्थान पर

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काठमांडू, 26 अप्रैल । नेपाल की राजधानी काठमांडू विश्व के दूसरे सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में शामिल है। आज यहां वायु प्रदूषण का स्तर काफी अधिक दर्ज किया गया है। शनिवार को बारिश के बावजूद आज प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ है।

एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के अनुसार, आज रविवार सुबह 11 बजे के मापन में काठमांडू वायु प्रदूषण के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर रही।

फिलहाल काठमांडू का एक्यूआई 177 दर्ज किया गया है, जो अस्वस्थकर हवा की श्रेणी में आता है। 201 से 300 के बीच एक्यूआई को अत्यधिक अस्वस्थकर माना जाता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के अनुसार, मानव स्वास्थ्य के लिए एक्यूआई 35 से कम होना चाहिए। हालांकि 50 तक के एक्यूआई को सामान्य माना जाता है। इससे अधिक एक्यूआई मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। 51 से 100 के बीच एक्यूआई को सतर्क रहने की श्रेणी या पीला संकेत माना जाता है। 101 से 150 के बीच एक्यूआई श्वसन और हृदय रोगियों के लिए हानिकारक माना जाता है, जबकि 151 से 200 के बीच एक्यूआई को अस्वस्थकर श्रेणी में रखा जाता है। 201 से 300 के बीच एक्यूआई को अत्यधिक अस्वस्थकर, 301 से 400 के बीच खतरनाक और 401 से 450 के बीच अत्यंत खतरनाक माना जाता है।

तीन दिन पहले तक काठमांडू में वायु प्रदूषण का स्तर इससे भी अधिक था। शुक्रवार से हुई हल्की बारिश और हवा चलने के कारण प्रदूषण में कुछ कमी आई है।

पर्यावरण विभाग के महानिदेशक ज्ञानराज सुवेदी के अनुसार, पर्याप्त बारिश न होना, बढ़ती शुष्कता, कृषि अवशेष जलाने की प्रवृत्ति और वन आग की घटनाएं वायु प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण हैं।